बेंगलुरु: भारत की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में Shikshagraha ने Teach For India को अपने नेटवर्क में नए मोमेंटम पार्टनर के रूप में शामिल किया है। इस साझेदारी के तहत Teach For India अपने 17 वर्षों के शिक्षक, युवा नेतृत्व और पूर्व फेलो के साथ काम करने के अनुभव को Shikshagraha के व्यापक नेटवर्क से जोड़ेगा।
Shikshagraha एक जन-आधारित शिक्षा आंदोलन है, जिसका लक्ष्य देशभर के 10 लाख सरकारी स्कूलों को मजबूत करना है, ताकि हर बच्चे को बेहतर तरीके से सीखने और भविष्य के लिए तैयार होने का अवसर मिल सके। संगठन के अनुसार, इसके अभियान ने अब तक 2.1 लाख सरकारी स्कूलों में 3.9 लाख से अधिक नेताओं को जोड़ा है।
2.1 लाख स्कूलों में 15.6 लाख से अधिक छोटे सुधार
Shikshagraha के अनुसार, उसके नेटवर्क से जुड़े प्रयासों के जरिए सरकारी स्कूलों में 15.6 लाख से अधिक छोटे स्तर के सुधार किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 45,000 सुधार सीधे समुदायों के नेतृत्व में किए गए हैं। संगठन के नेटवर्क में 16 राज्यों में काम करने वाले 40 से अधिक नागरिक समाज संगठन भी शामिल हैं।
यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत में सरकारी स्कूलों में नामांकन, सीखने के परिणाम और शिक्षा की गुणवत्ता को लगातार मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। आर्थिक स्तर पर भी शिक्षा में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता बनी हुई है। आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, केंद्र और राज्यों का शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद के करीब 4.1 प्रतिशत के आसपास था, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने शिक्षा पर सार्वजनिक निवेश को 6 प्रतिशत तक ले जाने की परिकल्पना की है।
कक्षा से लेकर समुदाय तक नेतृत्व को मजबूत करने पर जोर
साझेदारी के तहत Teach For India अपने कक्षा-केंद्रित नेतृत्व मॉडल और शिक्षक विकास के अनुभव को Shikshagraha के सामुदायिक नेटवर्क के साथ जोड़ेगा। वहीं, Shikshagraha सरकारों, स्कूलों, समुदायों और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर सामूहिक कार्रवाई का अपना मॉडल उपलब्ध कराएगा।
Teach For India का फेलोशिप कार्यक्रम युवा पेशेवरों को दो वर्षों के लिए कम आय वाले और संसाधन की कमी वाले स्कूलों में पूर्णकालिक शिक्षक के रूप में काम करने का अवसर देता है। इसके बाद पूर्व फेलो का नेटवर्क शिक्षा, सामाजिक विकास और शासन से जुड़े क्षेत्रों में काम जारी रखता है।
Teach For India के अनुसार, संगठन की स्थापना 2008 में हुई थी और इसका उद्देश्य भारत के सभी बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने वाले नेताओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। संगठन के प्रभाव आंकड़ों के अनुसार, उसके 5,800 से अधिक फेलो फेलोशिप पूरी कर चुके हैं और 80 प्रतिशत से अधिक पूर्व फेलो शिक्षा तथा सामाजिक विकास के क्षेत्रों में काम जारी रखते हैं।
अगले एक साल में फेलोशिप और नेतृत्व कार्यक्रमों पर फोकस
आने वाले एक वर्ष में दोनों संगठन फेलोशिप और नेतृत्व कार्यक्रमों के डिजाइन, फेलो और एलुमनी नेटवर्क तथा छात्र आवाज और भागीदारी से जुड़े साझा मॉडल पर काम करेंगे। इसका उद्देश्य पहले से सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए काम कर रहे लोगों को एक-दूसरे से जोड़ना और उन्हें नेतृत्व के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
Shikshagraha की चीफ क्यूरेटर खुशबू अवस्थी ने कहा कि Teach For India को नेटवर्क में शामिल करके संगठन शिक्षकों, अभिभावकों, युवा नेताओं, समुदायों और संस्थानों की भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों को बड़े स्तर तक पहुंचाकर हर बच्चे के लिए ऐसा स्कूल तैयार करने की दिशा में काम किया जा सकता है, जहां उसे सहयोग मिले और वह भविष्य के लिए तैयार हो सके।
Teach For India की सीईओ शाहीन मिस्त्री ने कहा कि एक लाख नहीं, बल्कि 10 लाख स्कूलों के आंदोलन की Shikshagraha की सोच शिक्षा में व्यापक बदलाव ला सकती है। उनके अनुसार, Teach For India के फेलो और एलुमनी को इस साझेदारी के जरिए अपने काम को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह साझेदारी सरकारी स्कूलों में केवल बुनियादी सुधार तक सीमित न रहकर शिक्षक नेतृत्व, छात्र भागीदारी, समुदाय की भूमिका और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने पर केंद्रित है। दोनों संगठनों का लक्ष्य इन प्रयासों को बड़े स्तर तक पहुंचाकर भारत की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।