कंपनी इस फंड का उपयोग अपने प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग विकास को तेज करने, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने, पाठ्यक्रम आधारित कंटेंट बढ़ाने और सार्वजनिक लॉन्च से पहले अपने बाजार विस्तार प्रयासों को मजबूत करने के लिए करेगी।
अप्रैल 2026 में Vedantu के पूर्व टेक्नोलॉजी लीडर रवनीत सिंह द्वारा स्थापित ProLearn छात्रों के लिए एक रियल-टाइम और इंटरैक्टिव एआई लर्निंग साथी विकसित कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म K-12 छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को उनकी सीखने की गति और जरूरतों के अनुसार व्यक्तिगत सहायता प्रदान करेगा।
ProLearn के फाउंडर और सीईओ रवनीत सिंह ने कहा “आज अधिकांश ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म केवल कक्षा के अनुभव को स्क्रीन पर दिखाते हैं। हमारा उद्देश्य हर छात्र को ऐसा व्यक्तिगत ट्यूटर उपलब्ध कराना है, जो उसकी सीखने की शैली को समझे और उसी के अनुसार तुरंत खुद को ढाल सके।”
यह प्लेटफॉर्म JEE, NEET, UPSC और CAT जैसी प्रमुख परीक्षाओं की तैयारी पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। कंपनी का लक्ष्य केवल वीडियो आधारित शिक्षा तक सीमित न रहकर एक ऐसा संवादात्मक एआई ट्यूटर उपलब्ध कराना है, जो छात्रों से बातचीत करे, सवाल पूछे और उनकी प्रगति के अनुसार सीखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
रवनीत सिंह ने कहा “हम एआई की मदद से शिक्षा को अधिक इंटरैक्टिव और बड़े स्तर पर सुलभ बनाना चाहते हैं, खासकर ऐसे बाजार में जहां व्यक्तिगत मार्गदर्शन अब तक काफी महंगा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा “शिक्षा केवल पढ़ाने की समस्या नहीं है, बल्कि यह मनोविज्ञान से भी जुड़ी हुई है। छात्र पहले अपने शिक्षक या मार्गदर्शक से जुड़ाव महसूस करता है और उसके बाद उससे सीखता है।”
अगले एक वर्ष में ProLearn अपनी प्रमुख एआई लर्निंग साथी सेवा लॉन्च करने, अधिक विषयों को शामिल करने, भारतीय भाषाओं का समर्थन बढ़ाने और शुरुआती उपयोगकर्ताओं को जोड़ने की योजना बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य शहरी और उभरते बाजारों के छात्रों के लिए एक बड़े स्तर पर उपयोगी और प्रभावी लर्निंग समाधान तैयार करना है।