K-12 EdTech Startup Qweebi ने STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स) और रोबोटिक्स आधारित प्रैक्टिकल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए $500,000 (करीब ₹4.7 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। Inflection Point Ventures (IPV) की अगुवाई में हुए इस फंडिंग राउंड में Mphasis के पूर्व को-फाउंडर जेरोन टास (Jeroen Tas) और SplashLearn के को-फाउंडर एवं सीईओ अर्पित जैन (Arpit Jain) ने भी निवेश किया है। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपने डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने तथा अमेरिका के स्कूलों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी।
कंपनी के अनुसार, इस निवेश से प्राप्त राशि का इस्तेमाल प्रोडक्ट डेवलपमेंट को मजबूत करने और अमेरिका के विभिन्न स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स में प्लेटफॉर्म की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा। Qweebi का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से छात्रों को इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स और प्रैक्टिकल STEM लर्निंग के अवसर उपलब्ध कराना है।
बिना फिजिकल किट के सीख सकेंगे इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स
विवेक सीतारामन, अमन बंसल और अभिषेक अवाना द्वारा स्थापित Qweebi एक ब्राउजर-बेस्ड ऑनलाइन मेकरस्पेस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए छात्र बिना किसी फिजिकल किट या विशेष लैब इंफ्रास्ट्रक्चर के इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स प्रोजेक्ट्स को डिजाइन, बिल्ड और टेस्ट कर सकते हैं।
प्लेटफॉर्म पर पहले से तैयार प्रोजेक्ट लाइब्रेरी, लेसन प्लान और टीचर गाइड उपलब्ध हैं। इससे शिक्षकों को कक्षा में प्रैक्टिकल गतिविधियां संचालित करने के लिए अलग से सामग्री जुटाने और प्रोजेक्ट तैयार करने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलती है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इसका प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए तैयार किया गया है।
अमेरिका के सभी 50 राज्यों में स्कूलों तक पहुंच
फंडिंग की घोषणा के समय कंपनी ने बताया था कि अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 5,200 से अधिक स्कूलों ने Qweebi के प्लेटफॉर्म के लिए साइन-अप किया था और 1 लाख से अधिक छात्र इसका इस्तेमाल कर चुके थे। कंपनी के मुताबिक, स्कूलों और शिक्षकों के बीच प्लेटफॉर्म की पहुंच मुख्य रूप से ऑर्गेनिक तरीके से बढ़ी है।
इस फंडिंग के जरिए Qweebi अपने डिजिटल STEM लर्निंग सॉल्यूशंस को और विकसित करने तथा अमेरिका के स्कूलों में इसका इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य प्रैक्टिकल एजुकेशन को कम लागत में अधिक स्कूलों और छात्रों तक पहुंचाना है।
अनुभव के जरिए सीखने पर कंपनी का जोर
Qweebi के सीईओ एवं को-फाउंडर विवेक सीतारमण ने कहा कि किसी विषय में महारत हासिल करने के लिए उसे केवल पढ़ना या दूसरों को करते हुए देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खुद करके सीखना जरूरी है। उनके अनुसार, स्कूल अब किताबों और वीडियो से आगे बढ़कर अनुभव आधारित शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन लागत और संसाधनों से जुड़ी चुनौतियां शिक्षकों के लिए ऐसे प्रोजेक्ट्स को बड़े स्तर पर संचालित करना मुश्किल बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि Qweebi इन बाधाओं को कम करके हैंड्स-ऑन लर्निंग को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को करके सीखने का अवसर मिल सके।