Samsung Solve for Tomorrow ने चुने भारत के टॉप 40 युवा इनोवेटर्स

Samsung Solve for Tomorrow ने चुने भारत के टॉप 40 युवा इनोवेटर्स

Samsung Solve for Tomorrow ने चुने भारत के टॉप 40 युवा इनोवेटर्स
Samsung India ने Samsung Solve for Tomorrow 2026 की टॉप 40 सेमी-फाइनलिस्ट टीमों की घोषणा की है।


यह Samsung का प्रमुख युवा नवाचार कार्यक्रम है, जो युवाओं को अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करने और मेंटरशिप, Technology, प्रोटोटाइपिंग तथा व्यावहारिक सीख के जरिए अपने विचारों को समाधान में बदलने का अवसर देता है।

भारत में अपने पांचवें संस्करण में पहुंच चुका Samsung Solve for Tomorrow 14 से 22 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए है। इस साल चुनी गई टॉप 40 टीमें 15 राज्यों और 26 शहरों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनमें आधे से अधिक टीमें टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं। वाराणसी, कोयंबटूर, गुंटूर, अमृतसर, सुंदरगढ़ और राजकोट जैसे शहरों के युवा इनोवेटर्स ने राष्ट्रीय सेमी-फाइनल में जगह बनाई है।

चार थीम - AI Living for India, Health and Education, Environmental Sustainability और Sport & Tech में से प्रत्येक से 10 टीमें चुनी गई हैं।

अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित हो रहे समाधान

Samsung Southwest Asia के कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट एसपी चुन ने कहा कि इस साल की टॉप 40 टीमें अपने आसपास की समस्याओं को समझकर Technology के जरिए उनके समाधान तलाश रही हैं। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से बड़ी भागीदारी यह दिखाती है कि नवाचार देश के किसी भी हिस्से से सामने आ सकता है। टॉप 40 टीमें छोटे कारोबारों के लिए AI Tools, सुलभ शिक्षा, कृषि अवशेष प्रबंधन, सहायक Technology, किफायती स्वास्थ्य सेवाओं और समावेशी खेलों जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

गुंटूर, आंध्र प्रदेश की AIRMED AI के जरिए भारत को वैश्विक स्वास्थ्य सेवा गंतव्य बनाने और विदेशी मरीजों को भारतीय अस्पतालों से जोड़ने पर काम कर रही है। सुंदरगढ़, ओडिशा की Code Blooded विशेष AI के जरिए छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पैरा-एथलीट्स के बीच खेल प्रतिभाओं की पहचान कर रही है।

त्रिशूर की AcoustiNode Systems जल-विज्ञान संबंधी Technology के जरिए बांध प्रबंधन को बेहतर बनाने पर काम कर रही है, जबकि रायबरेली की QuantHunt उभरते साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए समाधान विकसित कर रही है।

अन्य टीमें दृष्टिबाधित तैराकों के लिए प्रशिक्षण Technology, दृष्टिबाधित छात्रों के लिए AI Companion, कक्षा में इस्तेमाल होने वाले प्रोजेक्टर को इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म में बदलने वाले समाधान और Biomass को स्वच्छ ऊर्जा में बदलने वाली Technology पर काम कर रही हैं।

Innovation Bootcamp में Samsung Ecosystem का अनुभव

टॉप 40 इनोवेटर्स ने एक गहन Innovation Bootcamp के दौरान Samsung के Innovation Ecosystem को करीब से समझा। प्रतिभागियों ने गुरुग्राम, दिल्ली, नोएडा और बेंगलुरु में Samsung के मुख्य कार्यालय, Samsung Design Delhi, Samsung R&D Institute India-Noida (SRI-Noida) और Samsung R&D Institute India-Bengaluru (SRI-B) का दौरा किया।

Samsung South West Asia के प्रेसिडेंट और सीईओ जेबी पार्क ने कहा कि बेहतरीन विचार कहीं से भी आ सकते हैं चाहे वह कोई छोटा शहर, कक्षा, कॉलेज या समुदाय ही क्यों न हो। Samsung Design Delhi में इनोवेटर्स ने जाना कि Innovation की शुरुआत केवल Technology से नहीं, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझने से होती है। कलर, मटेरियल एंड फिनिश (CMF) लैब में उन्होंने Product Design, Colour, Material, Texture और Form के यूजर एक्सपीरियंस पर प्रभाव को समझा।

SRI-Noida में उन्होंने PCB Design, Sensory Equipment और AI Applications जैसे क्षेत्रों को करीब से देखा। यहां उन्होंने समझा कि किसी विचार को वास्तविक समाधान बनाने के लिए परीक्षण, फीडबैक और लगातार सुधार जरूरी है। SRI-B में प्रतिभागियों ने AI, मल्टीमीडिया एंड कैमरा Technology, एडवांस्ड कम्युनिकेशंस, IoT और Services जैसे क्षेत्रों में Research को समझा।

मेंटरिंग और वित्तीय सहायता

FITT-IIT Delhi के सहयोग से आयोजित Bootcamp में टीमों को मेंटरिंग और प्रोटोटाइपिंग सहायता दी गई। FITT, IIT Delhi के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. निखिल अग्रवाल ने बताया कि टॉप 40 में से 25 टीमों ने पहले ही प्रोटोटाइप बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में टीमें अपनी धारणाओं को परखेंगी, उपयोगकर्ताओं से फीडबैक लेंगी और अपने समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में काम करेंगी।

टॉप 40 टीमों को प्रोटोटाइप विकास के लिए कुल ₹8 लाख दिए जाएंगे और प्रत्येक टीम सदस्य को Samsung लैपटॉप मिलेगा। टॉप 20 टीमों को प्रोटोटाइप में सुधार के लिए कुल ₹20 लाख और प्रत्येक सदस्य को Samsung Galaxy Z Flip स्मार्टफोन दिया जाएगा। अंतिम चरण में टॉप 4 विजेता टीमों को IIT Delhi में इनक्यूबेशन के लिए Samsung की ओर से कुल ₹2 करोड़ का अनुदान मिलेगा। कार्यक्रम में ₹50,000 का डिजिटल इम्पैक्ट अवॉर्ड और दो कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड के तहत ₹1-1 लाख की राशि भी दी जाएगी।

पांच वर्षों में बढ़ी पहुंच

Samsung Solve for Tomorrow को भारत में 2022 में लॉन्च किया गया था। पिछले चार वर्षों में Samsung ने IIT Delhi में ₹2 करोड़ के इनक्यूबेशन अनुदान और ₹3 करोड़ से अधिक नकद पुरस्कार तथा Technology Products में निवेश किया है।

इस वर्ष टॉप 100 चयन से पहले Samsung ने 135 शहरों में 184 Design Thinking Workshops आयोजित कीं। वैश्विक स्तर पर यह कार्यक्रम 68 देशों तक पहुंच चुका है और 3 मिलियन से अधिक युवाओं को इससे जोड़ा गया है। अब टॉप 40 इनोवेटर्स के लिए अगला चरण अपने विचारों को परखने, उनसे सीखने और उन्हें ऐसे समाधानों में बदलने का है, जो वास्तविक दुनिया में लोगों की जिंदगी पर वास्तविक प्रभाव डाल सकें।

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