ShikshaNext ने भारत में बच्चों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए 11 EdTech और AI समाधानों का चयन किया है। 170 करोड़ रुपये की तीन वर्षीय मल्टी-डोनर पहल के तहत चुने गए ये समाधान 4 से 10 वर्ष की उम्र के बच्चों पर केंद्रित हैं।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे EdTech और AI समाधानों को आगे बढ़ाना है, जो सीखने के परिणामों में सुधार कर सकें और जिन्हें बड़े स्तर पर सरकारी शिक्षा प्रणालियों में अपनाया जा सके। ShikshaNext के अनुसार, पहल 2029 तक 1.3 करोड़ से अधिक बच्चों को टेक्नोलॉजी और AI आधारित सीखने के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है।
ShikshaNext को Michael & Susan Dell Foundation, Reliance Foundation और Gates Foundation का Founding Strategic Partners के रूप में समर्थन प्राप्त है। Central Square Foundation इसका मैनेजिंग पार्टनर है, जबकि Anthropic Supporting Partner के रूप में जुड़ा है। पहल तीन पिलर्स - EdTech ScaleX, EdTech Accelerator और एडटेक एंड एआई इनोवेशन हब
के तहत काम करती है।
EdTech ScaleX के तहत चुने गए 5 समाधान
EdTech ScaleX के तहत पांच ऐसे समाधानों को चुना गया है, जिनके पास अलग-अलग अध्ययनों के जरिए सीखने के प्रभाव से जुड़े प्रमाण मौजूद हैं। इस पिलर का लक्ष्य इन समाधानों को सरकारी शिक्षा प्रणालियों और बड़े स्तर के कार्यक्रमों तक पहुंचाना है। इसके जरिए 80 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य है।
1. Chimple by Sutara Learning : शिक्षक-निर्देशित और घर पर इस्तेमाल होने वाला गेमिफाइड मोबाइल लर्निंग समाधान। इसके प्रभाव का मूल्यांकन 2024 में Randomised Controlled Trial के जरिए किया गया।
2. Rocket Learning : WhatsApp आधारित घर पर सीखने का समाधान, जिसे बच्चों के लिए खेल-आधारित लर्निंग मॉडल के तौर पर तैयार किया गया है। इसके प्रभाव का J-PAL RCT के जरिए मूल्यांकन किया गया।
3. Top Parent by Nudged : पूरे भारत में माता-पिता को केंद्र में रखकर घर पर बच्चों की लर्निंग को सपोर्ट करने वाला समाधान। 2026 में इसके लिए Quasi-Experimental Study की गई।
4. Prakashak by ThinkZone : WhatsApp आधारित घर पर सीखने का कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में डिजिटल माध्यम से सहायता देना है। 2026 में इसके प्रभाव का Quasi-Experimental Study के जरिए मूल्यांकन किया गया।
5. Youth Impact : फोन आधारित remedial Math learning समाधान, जिसका पांच देशों में Randomised Controlled Trial के जरिए मूल्यांकन किया गया है।
EdTech Accelerator में 6 समाधान शामिल
EdTech Accelerator के तहत छह ऐसे समाधानों को चुना गया है, जो अभी निर्माण, परीक्षण और सुधार के चरण में हैं। इनका उद्देश्य प्रमाण तैयार करना और ऐसी क्षमताएं विकसित करना है, जिनके आधार पर भविष्य में इन समाधानों को बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।
6. Darsel : घर पर Math Practice के लिए 1:1 व्यक्तिगत WhatsApp Chatbot।
7. Eedi : Math Remediation के लिए AI आधारित WhatsApp Personal Tutor, जो Socratic Learning Approach पर काम करता है।
8. TARA ORF by Prosical Language Technologies : घर पर Oral Reading Fluency (ORF) का असेसमेंट, विश्लेषण और विद्यार्थियों के लिए Remediation की सुविधा।
9. PadhAI by Pratham Education Foundation : Offline ORF असेसमेंट, विश्लेषण और विद्यार्थियों की Remediation के लिए समाधान।
10. Vowels of the People Association (VOPA) : Literacy और Numeracy दोनों क्षेत्रों में ORF असेसमेंट, विश्लेषण और विद्यार्थियों की Remediation पर केंद्रित समाधान।
11. VallamAI by Madhi Foundation : शिक्षकों को असेसमेंट, Coaching और Lesson Planning में सहायता देने वाला AI आधारित टूल।
Evidence Generation पर भी रहेगा फोकस
ShikshaNext के तीनों पिलर्स के साथ Evidence Generation को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इसका उद्देश्य केवल यह देखना नहीं है कि कोई समाधान काम करता है या नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि वह वास्तविक सरकारी शिक्षा प्रणाली में किस तरह काम करता है और विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों के लिए उसका प्रभाव किस परिस्थिति में बेहतर रहता है।
Central Square Foundation के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर इश्मीत सिंह ने कहा कि 11 समाधानों का चयन ShikshaNext की योजना को क्रियान्वयन की दिशा में ले जाता है। उनके अनुसार, पांच समाधान स्वतंत्र प्रमाणों के आधार पर बड़े स्तर पर सरकारों के साथ काम करने की स्थिति में हैं, जबकि छह समाधान भारत की कक्षाओं के लिए AI आधारित नई पीढ़ी के समाधान तैयार कर रहे हैं।
AI को जिम्मेदार और समावेशी तरीके से बढ़ाने पर जोर
Michael & Susan Dell Foundation की इंडिया हेड प्राची जैन विंडलास (Prachi Jain Windlass) ने कहा कि टेक्नोलॉजी तब प्रभावी होती है जब वह बच्चों की लर्निंग बेहतर करने और भविष्य के अवसरों तक उनकी पहुंच बढ़ाने में मदद करती है। उनके अनुसार, ShikshaNext Evidence, Innovation और Government Adoption को एक साथ लाने पर काम कर रहा है।
Reliance Foundation के एग्जीक्यूटिव लीड बी. श्रीनिवासन (B Srinivasan) ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी और 5G के विस्तार ने देश के अलग-अलग हिस्सों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ाई हैं। उन्होंने AI आधारित समाधानों को जिम्मेदार और समावेशी तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
Gates Foundation के डायरेक्टर, ग्लोबल एजुकेशन बेंजामिन पाइपर (Benjamin Piper) ने कहा कि EdTech Accelerator के समाधान Generative AI की उस क्षमता को दिखाते हैं, जिसमें AI अच्छी Pedagogy को बदलने के बजाय उसे मजबूत कर सकता है। उनके मुताबिक, कम संसाधनों वाली कक्षाओं के लिए तैयार किए जा रहे ऐसे टूल्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कुल मिलाकर, ShikshaNext का नया चरण प्रमाण-आधारित EdTech समाधानों और उभरती AI तकनीकों को सरकारी शिक्षा प्रणाली के करीब लाने पर केंद्रित है। 11 चुने गए समाधानों के जरिए पहल का लक्ष्य सीखने के परिणामों को बेहतर करना और 2029 तक 1.3 करोड़ से अधिक बच्चों तक टेक्नोलॉजी और AI आधारित लर्निंग अवसर पहुंचाना है।