महाराष्ट्र ने भारत के हायर एजुकेशन सेक्टर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। चार अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी ने मुंबई में अपने कैंपस शुरू किए हैं। इससे मुंबई की पहचान ग्लोबल एजुकेशन, रिसर्च और इनोवेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद है।
University of Bristol, University of York, Illinois Institute of Technology और University of Aberdeen ने महाराष्ट्र के हायर एजुकेशन इकोसिस्टम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इन यूनिवर्सिटीज की मौजूदगी से ग्लोबल यूनिवर्सिटीज और भारतीय छात्रों, फैकल्टी, इंडस्ट्री और रिसर्च नेटवर्क के बीच जुड़ाव मजबूत होने की उम्मीद है।
इस पहल से छात्रों को मुंबई में पढ़ाई करते हुए इंटरनेशनल करिकुलम और ग्लोबल अकादमिक एक्सपीरियंस हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, एजुकेशन, रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री के क्षेत्र में नए सहयोग के रास्ते भी खुलने की उम्मीद है।
चार इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से बढ़ेंगे ग्लोबल एजुकेशन के अवसर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चार इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी कैंपस का खुलना राज्य के ग्लोबल हायर एजुकेशन डेस्टिनेशन बनने के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इन कैंपस से छात्रों को ग्लोबली बेंचमार्क्ड एजुकेशन तक बेहतर पहुंच मिलेगी और मुंबई के अकादमिक, रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।
Emeritus & Eruditus के सीईओ और को-फाउंडर अश्विन डामेरा ने कहा कि चार इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज का भारत में आना हायर एजुकेशन के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। उनके अनुसार, इन कैंपस के जरिए भारतीय छात्रों के करीब ग्लोबल एजुकेशन पहुंचेगा और अकादमिक, रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच मजबूत जुड़ाव के अवसर बनेंगे।
ग्लोबल एजुकेशन कंपनी Emeritus इन यूनिवर्सिटीज की भारत में स्ट्रैटेजिक जॉइंट वेंचर पार्टनर है। कंपनी इन संस्थानों के कैंपस की स्थापना और ग्रोथ में सहयोग कर रही है। इसके लिए कंपनी नॉन-अकादमिक कामकाज के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध करा रही है।
मुंबई में छात्रों और रिसर्च के लिए बढ़ेंगे नए अवसर
चारों कैंपस की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र एजुकेशन, टेक्नोलॉजी, रिसर्च, एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन के हब के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। मुंबई की ग्लोबल कनेक्टिविटी, टैलेंट बेस और मजबूत इंडस्ट्री नेटवर्क इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज के लिए अकादमिक और रिसर्च इकोसिस्टम तैयार करने में मददगार हैं।
इन संस्थानों की मौजूदगी से छात्रों और ग्लोबल अकादमिक कम्युनिटीज के बीच जुड़ाव मजबूत होने की उम्मीद है। इससे नॉलेज एक्सचेंज, रिसर्च पार्टनरशिप और इंडस्ट्री के साथ जुड़ने के अवसर भी बढ़ेंगे। इन यूनिवर्सिटीज में टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, बिजनेस और क्रिएटिव डिसिप्लिन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में पढ़ाई के अवसर उपलब्ध होंगे।
छात्रों के लिए इन कैंपस से मुंबई में रहते हुए ग्लोबली कनेक्टेड एजुकेशन तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इसके अलावा, छात्र इंटरनेशनल अकादमिक नेटवर्क और इंडस्ट्री से जुड़े लर्निंग अवसरों का हिस्सा बन सकेंगे, वह भी भारत से बाहर जाए बिना।
इंटरनेशनल कैंपस से तैयार होंगे फ्यूचर-रेडी टैलेंट
मुंबई में चार इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज के कैंपस शुरू होने से महाराष्ट्र में ग्लोबल अकादमिक एक्सचेंज के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार हो रहा है। यह राज्य के मौजूदा हायर एजुकेशन इकोसिस्टम को भी सपोर्ट करेगा। वहीं इन कैंपस से राज्य के टैलेंट डेवलपमेंट, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़े व्यापक लक्ष्यों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इससे अकादमिक संस्थानों, इंडस्ट्री और ग्लोबल संस्थानों के बीच सहयोग को भी मजबूती मिल सकती है।
इस विस्तार से भारत के छात्रों को इंटरनेशनली कनेक्टेड एजुकेशन तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इससे ग्लोबल हायर एजुकेशन, रिसर्च और नॉलेज-बेस्ड इकोनॉमिक डेवलपमेंट में मुंबई की भूमिका और मजबूत हो सकती है।