द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी स्कूल ने THSC प्रोग्राम पूरा करने वाले 76 आदिवासी युवाओं को सम्मानित किया

द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी स्कूल ने THSC प्रोग्राम पूरा करने वाले 76 आदिवासी युवाओं को सम्मानित किया

द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी स्कूल ने THSC प्रोग्राम पूरा करने वाले 76 आदिवासी युवाओं को सम्मानित किया
प्लेसमेंट से जुड़े इस प्रोग्राम के जरिए जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और नागालैंड के अनुसूचित जनजाति के युवाओं को हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए जरूरी कौशल दिए गए।


द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी स्कूल (TLSHS) ने एक सम्मान समारोह आयोजित किया, जिसमें टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (THSC) के सहयोग से द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी स्कूल (TLSHS) द्वारा संचालित प्लेसमेंट से जुड़े हॉस्पिटैलिटी स्किलिंग प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों के पहले बैच की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया।

इस प्रोग्राम के तहत आदिवासी युवाओं को व्यवस्थित हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग, इंडस्ट्री का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस और प्लेसमेंट के अवसर दिए गए, जिससे उन्हें संगठित हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में करियर बनाने का रास्ता मिला। छात्रों की भागीदारी को भारत सरकार के Ministry of Tribal Affairs (MoTA) ने अपनी Support to Tribal Research Institutes योजना के तहत प्रायोजित किया था। इसमें जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और नागालैंड के छात्रों ने अपने-अपने ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट्स के माध्यम से भाग लिया।

सम्मान समारोह में Ministry of Tribal Affairs के अवर सचिव श्री शंभू नाथ पाल और हॉस्पिटैलिटी स्किलिंग से जुड़े क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए।

76 अनुसूचित जनजाति के युवाओं ने आवासीय हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग पूरी की

प्रोग्राम के तहत जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और नागालैंड के 76 अनुसूचित जनजाति के युवाओं ने फरीदाबाद स्थित TLSHS परिसर में पूरी तरह आवासीय ट्रेनिंग पूरी की। छात्रों को तीन हॉस्पिटैलिटी जॉब रोल्स- कॉमिस (फूड प्रोडक्शन), गेस्ट सर्विस एसोसिएट (फ्रंट ऑफिस) और गेस्ट सर्विस एसोसिएट (फूड एंड बेवरेज सर्विस) में ट्रेनिंग दी गई। प्रत्येक कोर्स में नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुसार 450 घंटे की ट्रेनिंग शामिल थी।

ट्रेनिंग में क्लासरूम में सीखने के साथ स्कूल की प्रोफेशनल किचन्स, रेस्टोरेंट और फ्रंट ऑफिस लेबोरेटरीज में व्यापक प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस दिया गया। तकनीकी कौशल के अलावा पाठ्यक्रम में बातचीत और गेस्ट सर्विस, हेल्थ एंड फूड सेफ्टी, प्रोफेशनल पर्सनैलिटी, वर्कप्लेस बिहेवियर, एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स, इंटरव्यू की तैयारी और करियर गाइडेंस पर भी ध्यान दिया गया।

इस अवसर पर द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी स्कूल के सीईओ डॉ. रॉकी कालरा ने कहा, “द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी स्कूल में हमारा मानना है कि शिक्षा तब सबसे सार्थक होती है, जब वह अवसर पैदा करती है। यह प्रोग्राम आदिवासी समुदायों के प्रतिभाशाली युवाओं को हॉस्पिटैलिटी में बेहतर करियर बनाने के लिए कौशल, आत्मविश्वास और इंडस्ट्री एक्सपीरियंस देता है।”

ट्रेनिंग को इंडस्ट्री एक्सपोजर और एम्प्लॉयमेंट से जोड़ता है प्रोग्राम

उन्होंने कहा, “हमें Ministry of Tribal Affairs, ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट्स और THSC के साथ साझेदारी करने पर गर्व है। इससे सीखने से लेकर रोजगार तक का एक रास्ता तैयार हो रहा है। हमें उम्मीद है कि यह पायलट भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में समावेशी और टिकाऊ स्किलिंग के लिए एक मजबूत उदाहरण बनेगा।”

यह प्रोग्राम केवल क्लासरूम में दिए जाने वाले कौशल तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्रों को हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर भी दिया गया। TLSHS में अपनी शैक्षणिक और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरी करने के बाद छात्र The LaLiT Group की नौ शहरों में स्थित ऑपरेशनल यूनिट्स में तीन महीने का व्यवस्थित इंडस्ट्रियल एक्सपोजर प्राप्त करेंगे। इनमें दिल्ली, गोवा, बेंगलुरु, चंडीगढ़, श्रीनगर, जयपुर, कोलकाता, उदयपुर, मुंबई और मंगर शामिल हैं।

इस चरण के दौरान छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार संबंधित विभागों में इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स की निगरानी में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें The LaLiT Group की ओर से हर महीने ट्रेनिंग स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।

छात्रों को NSQF सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे

सफल उम्मीदवारों को Tourism and Hospitality Skill Council (THSC) की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त NSQF सर्टिफिकेशन दिया जाएगा। इसके साथ ही वे The LaLiT Group और इससे जुड़े हॉस्पिटैलिटी एस्टैब्लिशमेंट्स में प्लेसमेंट के अवसरों के लिए पात्र होंगे।

यह पहल Ministry of Tribal Affairs और द लालित सूरी हॉस्पिटैलिटी ग्रुप की युवाओं की एम्प्लॉयबिलिटी बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण वोकेशनल एजुकेशन तक पहुंच बढ़ाने और आदिवासी समुदायों के युवाओं के लिए टिकाऊ करियर के रास्ते तैयार करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अलग-अलग स्किल लेवल्स और क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे में यह प्रोग्राम सरकारी सहयोग, विशेष संस्थागत ट्रेनिंग और सीधे इंडस्ट्री एक्सपोजर को जोड़कर फॉर्मल स्किलिंग और सार्थक रोजगार के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास करता है।

प्रोग्राम में समावेशी भागीदारी और महिला उम्मीदवारों पर जोर

इस पायलट में समावेशी भागीदारी पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उम्मीदवारों की पहचान और चयन संबंधित ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट्स द्वारा किया गया, जिसमें कई आदिवासी समुदायों का प्रतिनिधित्व शामिल रहा। साथ ही महिला उम्मीदवारों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। 

प्रोग्राम का पहला चरण 1 जून से 29 अगस्त 2026 तक TLSHS, फरीदाबाद में आयोजित किया गया। इंडस्ट्रियल एक्सपोजर और THSC असेसमेंट प्रोग्राम का अंतिम चरण होगा, जो 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहने वाला है।

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