Swiggy का बड़ा फैसला: विदेशी हिस्सेदारी 49.5% तक सीमित करने के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी

Swiggy का बड़ा फैसला: विदेशी हिस्सेदारी 49.5% तक सीमित करने के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी

Swiggy का बड़ा फैसला: विदेशी हिस्सेदारी 49.5% तक सीमित करने के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी
यह प्रस्ताव नियामकीय (Regulatory) फाइलिंग के जरिए सामने आया है और इसे 18 अगस्त को होने वाली कंपनी की 13वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) के रूप में शेयरधारकों की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।


Swiggy ने भारतीय स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनी (Indian Owned and Controlled Company - IOCC) का दर्जा हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ने विदेशी हिस्सेदारी (Foreign Ownership) को पूरी तरह डाइल्यूटेड आधार (Fully Diluted Basis) पर अधिकतम 49.5 प्रतिशत तक सीमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

यह प्रस्ताव अब 18 अगस्त को होने वाली कंपनी की 13वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों के सामने विशेष प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद कंपनी भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण से जुड़े नियमों के अनुरूप आगे बढ़ सकेगी।

IOCC का दर्जा मिलने से Swiggy को अपने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart के लिए Inventory-led बिजनेस मॉडल अपनाने की अनुमति मिल जाएगी। इसके तहत कंपनी सीधे तौर पर सामान खरीदकर उसका स्टॉक रख सकेगी और ग्राहकों को खुद बेच सकेगी। इससे सप्लाई चेन पर बेहतर नियंत्रण, संचालन में अधिक दक्षता और मुनाफे में सुधार की उम्मीद है। Swiggy की प्रतिद्वंद्वी Blinkit, जो Eternal के स्वामित्व में है, पहले से इसी मॉडल पर काम कर रही है।

Swiggy पिछले कई महीनों से IOCC का दर्जा हासिल करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, मई में कंपनी के शेयरधारकों ने Articles of Association (AoA) में प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी नहीं दी थी, जो भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए जरूरी थे।

अब कंपनी ने विदेशी हिस्सेदारी की सीमा तय करने के साथ-साथ AoA में नए संशोधनों को भी मंजूरी दी है, ताकि कंपनी Foreign Exchange Management Act (FEMA) के प्रावधानों के अनुरूप हो सके। इन बदलावों में कुछ भारतीय (Resident) व्यक्तियों को नामांकन (Nomination) का अधिकार देना, कुछ मौजूदा व्यक्तिगत और संस्थागत निवेशकों के नामांकन अधिकार वापस लेना और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े अन्य आवश्यक बदलाव शामिल हैं।

इसके अलावा, बोर्ड ने कंपनी की अधिकृत प्रेफरेंस शेयर पूंजी (Authorised Preference Share Capital) को अधिकृत इक्विटी शेयर पूंजी (Authorised Equity Share Capital) में पुनर्वर्गीकृत (Reclassify) करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। हालांकि, इस फैसले के लिए भी शेयरधारकों की स्वीकृति आवश्यक होगी।

यदि शेयरधारक इन सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे देते हैं, तो Swiggy भारतीय स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनी (IOCC) का दर्जा हासिल करने के और करीब पहुंच जाएगी। इससे Instamart को Inventory-led मॉडल अपनाने की अधिक परिचालन स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे कंपनी अपनी सप्लाई चेन को बेहतर तरीके से संचालित कर सकेगी और कारोबार को अधिक लाभदायक बनाने में मदद मिलेगी।


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