Eternal ने अपने क्विक कॉमर्स कारोबार Blinkit के लिए उम्मीद से बेहतर मुनाफे का अनुमान जताया है। कंपनी का कहना है कि Blinkit अब अपने पहले दिए गए लाभ (Profitability) के अनुमान की ऊपरी सीमा तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत के तेजी से बढ़ते और प्रतिस्पर्धी क्विक कॉमर्स बाजार में Blinkit लगातार अपने परिचालन का विस्तार कर रहा है और कार्यक्षमता (Efficiency) में सुधार कर रहा है।
Blinkit निवेशकों के लिए कंपनी का प्रमुख फोकस बन गया है। हालांकि, Eternal के Zomato ब्रांड का फूड डिलीवरी कारोबार अब भी कंपनी के कुल मुनाफे में सबसे बड़ा योगदान देता है।
जून तिमाही में मुनाफे में दिखा सुधार
जून 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान Blinkit का Adjusted EBITDA Margin बढ़कर नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) का 0.6% हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में दोगुना है। वहीं, Adjusted EBITDA बढ़कर 102 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो कंपनी के बेहतर परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है।
Angel One के वरिष्ठ विश्लेषक वकार जावेद खान ने कहा कि मार्जिन में आया यह सुधार वही बड़ा बदलाव है, जिसका निवेशकों को लंबे समय से इंतजार था। उन्होंने कहा कि यह कंपनी की ग्राहक संख्या बढ़ाने और ग्राहकों द्वारा बार-बार ऑर्डर करने की रणनीति के सफल होने का संकेत है।
Blinkit ने जोड़े 200 नए स्टोर
जून तिमाही में Blinkit ने तेजी से विस्तार जारी रखा। कंपनी की नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) में सालाना आधार पर 86% की वृद्धि हुई। इस दौरान कंपनी ने 200 नए स्टोर खोले, जिसके बाद Blinkit के कुल स्टोरों की संख्या बढ़कर 2,443 हो गई।
कंपनी का कहना है कि बड़े स्टोर फॉर्मेट और लगातार किए जा रहे निवेश से परिचालन क्षमता में सुधार हो रहा है। इसी वजह से Blinkit का लंबी अवधि का Adjusted EBITDA Margin अब पहले बताए गए 5% से 6% के दायरे की ऊपरी सीमा तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, कंपनी ने इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है।
बार-बार ऑर्डर करने वाले ग्राहकों से मिली बढ़त
Eternal के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अक्षांत गोयल ने बताया कि Blinkit की अधिकांश वृद्धि ग्राहकों द्वारा अधिक बार ऑर्डर करने से आई है, न कि प्रति ऑर्डर खर्च की जाने वाली औसत राशि बढ़ने से। 30 जून को समाप्त तिमाही में Eternal का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ (Net Profit) 92 करोड़ रुपये रहा। हालांकि यह बाजार विश्लेषकों के 258 करोड़ रुपये के अनुमान से कम है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 25 करोड़ रुपये था।
डिस्काउंट की बजाय मजबूत नेटवर्क पर रहेगा फोकस
कंपनी ने माना कि क्विक कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा अभी भी काफी तेज है, लेकिन अब बाजार पहले की तुलना में अधिक स्थिर और अनुमानित हो गया है। Eternal का कहना है कि केवल भारी छूट (Discount) देकर लंबे समय तक तेज विकास बनाए रखना मुश्किल है, क्योंकि इसके लिए लगातार अधिक पूंजी खर्च करनी पड़ती है। सलिए कंपनी अब कीमतों में भारी छूट देने के बजाय अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और नए शहरों में कारोबार बढ़ाने पर अधिक ध्यान देगी।
30 जून को समाप्त तिमाही में Eternal ने 20,211 करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.5 गुना से अधिक है। हालांकि, यह बाजार विश्लेषकों के 20,439 करोड़ रुपये के अनुमान से थोड़ा कम रहा।