कंपनी 900 करोड़ रुपये का फंड नए इक्विटी शेयर जारी (Fresh Issue) करके जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) भी लाया जाएगा।
ड्राफ्ट दस्तावेज़ों के अनुसार, फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से कंपनी की पूंजी (Capital Base) को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी भविष्य में अधिक ऋण (Lending) देने, कारोबार का विस्तार करने और नियामकीय पूंजी पर्याप्तता (Capital Adequacy) के मानकों का पालन करने में सक्षम होगी।
कंपनी इससे पहले भी IPO के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज़ दाखिल कर चुकी थी, लेकिन इस वर्ष की शुरुआत में उन्हें वापस ले लिया था। अब कंपनी ने संशोधित दस्तावेज़ों के साथ फिर से आवेदन किया है।
चेन्नई मुख्यालय वाली Veritas Finance मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्वरोज़गार से जुड़े लोगों और छोटे कारोबारियों को सुरक्षित ऋण (Secured Lending) उपलब्ध कराती है। कंपनी के लोन पोर्टफोलियो में बिजनेस लोन, होम लोन और प्रॉपर्टी के बदले ऋण (Loan Against Property) शामिल हैं। इसका प्रमुख फोकस अर्ध-शहरी (Semi-Urban) और ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों पर है।
कंपनी का प्रस्तावित IPO ऐसे समय में आ रहा है, जब भारत के प्राथमिक पूंजी बाजार (Primary Market) में लगातार गतिविधियां बढ़ रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों की कई कंपनियां विकास के लिए पूंजी जुटाने हेतु SEBI के पास IPO दस्तावेज़ दाखिल कर रही हैं, जबकि निवेशकों की रुचि भी IPO बाजार में लगातार बनी हुई है।