इस निवेश का उपयोग कंपनी अपने बायोमास सप्लाई चेन का विस्तार करने, बायोमास कलेक्शन नेटवर्क बढ़ाने, नए एग्रीगेशन हब स्थापित करने, आधुनिक मशीनरी में निवेश करने और अपनी टीम को मजबूत बनाने में करेगी। वहीं Farm Watt Innovations की स्थापना वर्ष 2023 में कुमार नीलेंदु ने की थी। कंपनी का उद्देश्य भारत में बड़ी मात्रा में उपलब्ध कृषि अवशेष (Agricultural Residue) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्र में बढ़ती बायोमास की मांग के बीच मौजूद अंतर को दूर करना है।
कुमार नीलेंदु के पास ग्रामीण विकास, कृषि, वित्तीय समावेशन और टिकाऊ आजीविका (Sustainable Livelihoods) के क्षेत्र में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2015 से नवीकरणीय ऊर्जा और बायोएनर्जी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं तथा भारत में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तकनीक को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
कंपनी के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 50 करोड़ टन कृषि अवशेष उत्पन्न होता है। इनमें से करीब 9.2 करोड़ टन अवशेष हर वर्ष जला दिया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और लगभग 3.4 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उत्सर्जन होता है। वहीं, सरकार की SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) योजना के तहत देशभर में CBG प्लांट तेजी से स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे एक संगठित बायोमास सप्लाई चेन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
Farm Watt अब अपने बायोमास एग्रीगेशन नेटवर्क का विस्तार पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में करने की योजना बना रही है। इसके अलावा कंपनी डिजिटल बायोमास सप्लाई चेन समाधान, कार्बन क्रेडिट, बायोचार, बायोमास प्री-प्रोसेसिंग और Bio-CBG परियोजनाओं में भी विस्तार करेगी। साथ ही, कंपनी अपने स्वयं के CBG, बायो-पेलेट और बायोचार प्लांट भी विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
Farm Watt Innovations के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार नीलेंदु ने कहा, "यह निवेश Farm Watt की एक मजबूत और बड़े स्तर की सर्कुलर बायोइकोनॉमी (Circular Bioeconomy) बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक ओर रिलायंस, IOCL, HPCL और BPCL जैसी कंपनियां बायोगैस क्षेत्र में निवेश कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर किसान कृषि अवशेष जला रहे थे। हमें लगा कि इस क्षेत्र में काम शुरू करने का यही सही समय है।"
वहीं, IAN Alpha Fund की मैनेजिंग पार्टनर सारिका सक्सेना ने कहा, "भारत की स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ती यात्रा के लिए दो बड़ी चुनौतियों का समाधान जरूरी है एक ओर करोड़ों टन कृषि अवशेष का बेहतर उपयोग और दूसरी ओर बायोएनर्जी क्षेत्र की बढ़ती बायोमास मांग को पूरा करना। यह केवल पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ा सप्लाई चेन अवसर भी है। Farm Watt किसानों और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के बीच मजबूत कड़ी बनाकर इस समस्या का समाधान कर रही है। इससे पराली जलाने की समस्या कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और भारत की सर्कुलर बायोइकोनॉमी को गति मिलेगी। हमें ऐसी टीम का समर्थन करने पर गर्व है, जिसके पास ग्रामीण बाजार की गहरी समझ और उत्कृष्ट कार्यान्वयन क्षमता है।"