इस निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन (Valuation) लगभग 700 मिलियन डॉलर हो गया है। वहीं साल 2001 में निशांत सिंह (Founder & CEO), बिधान चौधरी और मनोज कुमार सिंह द्वारा स्थापित BusinessNext का उद्देश्य बैंकों की उन संरचनात्मक समस्याओं को दूर करना है, जिनकी वजह से ग्राहकों को खराब सेवाओं और धीमी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है।
कंपनी के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से बिखरी हुई प्रक्रियाओं, देरी और जटिल सिस्टम के कारण ग्राहकों को बेहतर अनुभव नहीं मिल पाता। BusinessNext का ऑटोनॉमस ऑपरेटिंग सिस्टम इन समस्याओं को AI की मदद से दूर करता है। इसके जरिए बैंक ग्राहकों का ऑनबोर्डिंग, लोन प्रोसेसिंग और वित्तीय सलाह जैसी सेवाएं अधिक तेज़, सुरक्षित और स्वचालित तरीके से उपलब्ध करा सकते हैं।
1 मिलियन से अधिक यूजर्स और 75,000 शाखाओं तक पहुंच
कंपनी का दावा है कि उसका प्लेटफॉर्म 10 लाख (1 Million) से अधिक यूजर्स, 75,000 से अधिक बैंक शाखाओं और दुनिया भर में 1 अरब से अधिक ग्राहकों तक सेवाएं पहुंचा रहा है। BusinessNext का प्लेटफॉर्म अब AI आधारित निर्णय प्रणाली (AI-led Decisioning), ग्राहक संदर्भ (Customer Context) और एजेंट-आधारित निष्पादन (Agent-driven Execution) पर केंद्रित है, जिसे विशेष रूप से बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
Private AI और ऑटोनॉमस बैंकिंग को मिलेगी रफ्तार
BusinessNext के CEO निशांत सिंह ने कहा कि ऑटोनॉमस बैंकिंग केवल भविष्य की कल्पना नहीं, बल्कि एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर कंपनी कई वर्षों से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ServiceNow का यह निवेश बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के लिए Private AI समाधानों के विकास को तेज़ करेगा, जिससे सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह निवेश वैश्विक बैंकिंग उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा, क्योंकि इससे ग्राहक संबंधी जानकारी और बैंकिंग प्रक्रियाओं को रियल-टाइम में जोड़कर तेज़ और अधिक प्रभावी सेवाएं दी जा सकेंगी।
ServiceNow क्या है?
ServiceNow की स्थापना 2003 में फ्रेड लुडी (Fred Luddy) ने की थी। यह एक क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न संस्थानों में डिजिटल वर्कफ्लो को स्वचालित (Automate) करता है। इसके माध्यम से IT, HR और कस्टमर सर्विस जैसे विभाग एक ही प्लेटफॉर्म पर अनुरोधों का प्रबंधन, संसाधनों की निगरानी और समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। इससे मैनुअल प्रक्रियाओं की जगह अधिक स्मार्ट और AI-संचालित सिस्टम अपनाने में मदद मिलती है।