यह निवेश कंपनी को अपनी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षमता बढ़ाने, नई तकनीकों के विकास और वैश्विक स्तर पर कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगा। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Norwest और Skegen Asset Management ने किया। इसके अलावा Indus Bridge Ventures, GJNX Ventures और प्रमुख निवेशक आशीष कचोलिया ने भी इसमें भागीदारी की।
कंपनी इस नई पूंजी का उपयोग भारत, ब्रिटेन (UK) और अमेरिका (USA) में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हार्डवेयर पार्क में विकसित किए जा रहे अपने एकीकृत (Integrated) मैन्युफैक्चरिंग कैंपस के निर्माण को तेज़ करने में करेगी।
वर्तमान में RVAG के भारत, ब्रिटेन और अमेरिका में कुल 10 उत्पादन केंद्र (Facilities) हैं। कंपनी GE Aerospace, Collins Aerospace, Honeywell और Safran जैसी वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के लिए उच्च-परिशुद्धता (Precision) वाले एयरो-इंजन के पुर्जे और सब-असेंबली तैयार करती है। इसके अलावा यह Baker Hughes, Halliburton, SLB और GE जैसी वैश्विक ऊर्जा कंपनियों को भी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी के अनुसार, उसके पास इस समय ₹2,500 करोड़ से अधिक का ऑर्डर बुक है।
RVAG एयरोस्पेस क्षेत्र में डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण, परीक्षण (Testing) और असेंबली तक की संपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसके अलावा कंपनी CNC मशीनिंग, शीट मेटल फैब्रिकेशन, कंपोजिट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, गियर्स, फास्टनर्स और NADCAP-स्वीकृत विशेष प्रक्रियाओं जैसी अत्याधुनिक विनिर्माण सेवाएं भी प्रदान करती है।
RVAG के मैनेजिंग डायरेक्टर वंसी विकास ने कहा, "यह निवेश हमारी टीम द्वारा पिछले दो दशकों में तैयार किए गए पूरी तरह एकीकृत और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म पर निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। इससे हमें भारत, ब्रिटेन और अमेरिका में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, हार्डवेयर पार्क परियोजना को गति देने तथा मिशन सिस्टम्स और ऑटोनॉमस सिस्टम्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।"
वहीं, रघु वंसी एयरोस्पेस ग्रुप के सीईओ शिवा अरविंद ने कहा कि कंपनी की विकास यात्रा उसके संस्थापक स्वर्गीय जी. थ्रिमूर्थुलु के मूल्यों, विश्वसनीयता, ईमानदारी और सभी हितधारकों के प्रति संवेदनशीलता पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि यह नया निवेश कंपनी को अपने कर्मचारियों, तकनीकी क्षमताओं और प्रतिभा विकास (Talent Pipeline) में निवेश बढ़ाने तथा अगले चरण के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।