VisualCamp का AI मॉडल भारत में शिक्षा मूल्यांकन और डिजिटल लर्निंग को करेगा मजबूत

VisualCamp का AI मॉडल भारत में शिक्षा मूल्यांकन और डिजिटल लर्निंग को करेगा मजबूत

VisualCamp का AI मॉडल भारत में शिक्षा मूल्यांकन और डिजिटल लर्निंग को करेगा मजबूत
सियोल (दक्षिण कोरिया) में स्थित AI-आधारित आई-ट्रैकिंग (Eye Tracking) टेक्नोलॉजी कंपनी VisualCamp भारत में अपनी शिक्षा तकनीक (EdTech) पहल का विस्तार करने जा रही है।


कंपनी इस सितंबर से हरियाणा के नूंह जिले के सरकारी स्कूलों में तीन महीने का AI-संचालित साक्षरता मूल्यांकन (Proof of Concept - PoC) शुरू करेगी। यह पहल हरियाणा सरकार द्वारा जारी आधिकारिक Letter of Intent (LOI) के बाद शुरू की जा रही है और भारत की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में कंपनी की पहली बड़ी परियोजना मानी जा रही है।

VisualCamp की स्थापना वर्ष 2014 में दक्षिण कोरिया के सियोल में जे सेउंग पार्क (Jae Seung Park) और चार्ल्स यूनचान सियोक (Charles Yunchan Seok) ने की थी। कंपनी AI-आधारित आई-ट्रैकिंग तकनीक विकसित करती है, जो स्मार्टफोन, टैबलेट और अन्य डिजिटल डिवाइस के जरिए बिना किसी अतिरिक्त हार्डवेयर के उपयोगकर्ता की आंखों की गतिविधियों (Gaze Tracking) का विश्लेषण कर सकती है। कंपनी को वेंचर कंपनी सर्टिफिकेशन और कॉर्पोरेट रिसर्च इंस्टीट्यूट सर्टिफिकेशन भी प्राप्त है।

भारत के सरकारी स्कूलों में शुरू होगी AI आधारित रीडिंग असेसमेंट पहल

VisualCamp का READ for School प्रोग्राम छात्रों के पढ़ने के व्यवहार (Reading Behaviour) का AI और आई-ट्रैकिंग तकनीक के माध्यम से विश्लेषण करेगा। तीन महीने के इस पायलट प्रोजेक्ट के दौरान छात्रों की पढ़ने की गति, ध्यान (Attention), समझ (Comprehension), फोकस और सीखने के पैटर्न का डेटा एकत्र किया जाएगा। इन आंकड़ों के आधार पर शिक्षकों को विस्तृत रिपोर्ट मिलेगी, जिससे वे प्रत्येक छात्र की सीखने की क्षमता और कमजोरियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

कंपनी का कहना है कि यह तकनीक केवल परीक्षा परिणामों पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि यह भी बताती है कि छात्र पढ़ते समय कहां रुक रहे हैं, किन शब्दों या वाक्यों पर अधिक समय दे रहे हैं और उनकी समझ का स्तर कैसा है। इससे शिक्षकों को प्रत्येक छात्र के लिए व्यक्तिगत (Personalized) शिक्षण रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

बिना अतिरिक्त हार्डवेयर के काम करती है AI तकनीक

VisualCamp की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी AI-आधारित आई-ट्रैकिंग तकनीक के लिए किसी महंगे सेंसर या विशेष हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होती। यह केवल स्मार्टफोन या टैबलेट के फ्रंट कैमरे के जरिए आंखों की गतिविधियों को ट्रैक कर सकती है।

कंपनी का प्रमुख उत्पाद SeeSo AI-आधारित आई-ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर है, जबकि SeeSo Edu इसी तकनीक का शिक्षा क्षेत्र के लिए विकसित विशेष समाधान है।

SeeSo Edu छात्रों के सीखने के व्यवहार का करेगा AI आधारित विश्लेषण

SeeSo Edu स्मार्टफोन या टैबलेट के फ्रंट कैमरे की मदद से छात्रों की आंखों की दिशा (Gaze Direction), ध्यान (Attention), एकाग्रता (Focus) और उनींदापन (Drowsiness) जैसी गतिविधियों का विश्लेषण करता है। इसके माध्यम से यह समझा जा सकता है कि ऑनलाइन या डिजिटल क्लास के दौरान छात्र कितना ध्यान दे रहे हैं, उनकी भागीदारी कैसी है और वे सीखने की प्रक्रिया में कितने सक्रिय हैं।

यह प्लेटफॉर्म शिक्षकों और स्कूलों को डेटा-आधारित रिपोर्ट उपलब्ध कराता है, जिससे प्रत्येक छात्र की सीखने की आदतों का विश्लेषण कर व्यक्तिगत (Personalized) शिक्षण रणनीति तैयार की जा सकती है। यही विशेषता इसे पारंपरिक मूल्यांकन प्रणाली से अलग बनाती है और AI-संचालित शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव समाधान के रूप में स्थापित करती है।

CES Innovation Award सहित कई वैश्विक सम्मान

VisualCamp की तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक पहचान मिली है। कंपनी ने CES Innovation Award 2022 में अपने SeeSo SDK के लिए पुरस्कार जीता था। इसके बाद CES Innovation Award 2023 में शिक्षा समाधान SeeSo Edu को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा कंपनी को MWC Global Mobile Awards और GITEX North Star Dubai जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भी नवाचार के लिए सराहा जा चुका है।

कंपनी के अनुसार, इन पुरस्कारों ने यह साबित किया है कि AI-आधारित आई-ट्रैकिंग तकनीक शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभा सकती है और भविष्य की डिजिटल लर्निंग में इसकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है।

शिक्षा से आगे स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स और मीडिया तक विस्तार

VisualCamp की तकनीक का उपयोग केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। कंपनी स्मार्टफोन आई-ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी, Gaze Analysis Solution और डेवलपर्स के लिए मोबाइल SDK भी उपलब्ध कराती है। इसके समाधान हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, वर्चुअल रियलिटी (VR), वीडियो मीडिया और मोबाइल एप्लिकेशन जैसे कई क्षेत्रों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। कंपनी के तकनीकी साझेदारों में Samsung, Oppo, Alibaba Cloud जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं।

भारत में AI आधारित शिक्षा को मिल सकती है नई दिशा

हरियाणा के नूंह जिले में शुरू होने वाला यह Proof of Concept (PoC) भारत की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में AI आधारित लर्निंग एनालिटिक्स को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो भविष्य में इसे अन्य राज्यों के सरकारी स्कूलों तक भी विस्तारित किया जा सकता है।

इस संदर्भ में शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि AI और आई-ट्रैकिंग जैसी तकनीकें शिक्षकों को केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर नहीं, बल्कि छात्रों के वास्तविक सीखने के व्यवहार को समझने में भी मदद करेंगी। इससे व्यक्तिगत शिक्षण (Personalized Learning), शुरुआती सीखने की चुनौतियों की पहचान, साक्षरता मूल्यांकन और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को नई गति मिल सकती है। यही कारण है कि VisualCamp की यह पहल भारत के डिजिटल शिक्षा इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।

  

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