Viyona Fintech, जो NPCI-सर्टिफाइड Technology Service Provider (TSP) है, ने अपने Viyona Tap & Pay प्लेटफॉर्म के जरिए अफ्रीकी बाजारों में विस्तार की योजना की घोषणा की है। कंपनी ने उप-सहारा अफ्रीका में प्रवेश के लिए जिम्बाब्वे को अपना पहला बाजार चुना है। कंपनी के अनुसार, इस प्रस्तावित लॉन्च को लेकरZimbabwe सरकार के साथ बातचीत चल रही है।
इस विस्तार योजना का मुख्य हिस्सा Viyona Tap & Pay है। यह एक NFC-बेस्ड SoftPOS सॉल्यूशन है, जो सामान्य Android स्मार्टफोन को कॉन्टैक्टलेस पेमेंट टर्मिनल में बदलने के लिए डिजाइन किया गया है। इस तकनीक का उद्देश्य अलग से Point-of-Sale (POS) डिवाइस खरीदने की जरूरत को कम करना है। इससे छोटे कारोबारियों और माइक्रो-मर्चेंट्स के लिए शुरुआती उपकरण लागत घट सकती है।
Viyona जिम्बाब्वे में अपनी शुरुआत को NPCI International Payments Ltd (NIPL) के साथ देश की चल रही बातचीत से भी जोड़कर देख रही है। इस बातचीत का उद्देश्य भारत की Unified Payments Interface (UPI) तकनीक को राष्ट्रीय पेमेंट सिस्टम के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर विचार करना है। कंपनी ऐसी मर्चेंट पेमेंट सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बना रही है, जो डिजिटल पेमेंट के व्यापक इस्तेमाल में मदद कर सकें।
SoftPOS लॉन्च के लिए जिम्बाब्वे पहला बाजार
अफ्रीका में शुरुआती लॉन्च के लिए Viyona ने Zimbabwe के स्थानीय Acquiring Banks, Payment Service Providers (PSPs) और मर्चेंट नेटवर्क को संभावित साझेदारों के रूप में पहचाना है। ये साझेदार व्यापारियों को पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने और स्थानीय बाजार में तकनीक को अपनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Viyona Fintech के फाउंडर और सीईओ रविंद्रनाथ यार्लागड्डा (Ravindranath Yarlagadda) ने कहा, “हमारा फोकस ऐसा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है, जो व्यापारियों के लिए पूंजीगत खर्च को कम करे और बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सके।” उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे में डिजिटल पेमेंट गतिविधियों में बढ़ोतरी इसे Tap & Pay के परीक्षण के लिए एक संभावित बाजार बनाती है। इसके बाद कंपनी क्षेत्र के अन्य बाजारों में विस्तार पर विचार कर सकती है।
कंपनी ने जिम्बाब्वे में हर महीने ZiG 200 बिलियन से अधिक के इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट ट्रांजैक्शन का उल्लेख किया है। इसे देश में डिजिटल पेमेंट गतिविधियों के संकेत के रूप में पेश किया गया है। हालांकि, प्रस्तावित लॉन्च अभी बातचीत, पेमेंट नेटवर्क सर्टिफिकेशन और संबंधित नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर है।
अफ्रीका के डिजिटल पेमेंट बाजार में विस्तार के अवसर
Viyona की विस्तार योजना अफ्रीका में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम पर केंद्रित है। AfricaNenda की State of Inclusive Instant Payment Systems in Africa 2025 रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में पूरे महाद्वीप के इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम्स के जरिए लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी संख्या 64 बिलियन थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2025 तक अफ्रीका के 31 देशों में 36 इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम सक्रिय थे। ये आंकड़े क्षेत्र में डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और व्यापारियों के लिए डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधाएं बढ़ाने की संभावनाओं को दर्शाते हैं। जैसे-जैसे अधिक देश इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम और डिजिटल फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं, वैसे-वैसे व्यापारियों के लिए डिजिटल पेमेंट स्वीकार करना भी महत्वपूर्ण हो रहा है। पेमेंट नेटवर्क पैसों के ट्रांसफर में मदद करते हैं, लेकिन डिजिटल पेमेंट को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए कारोबारियों के पास भुगतान स्वीकार करने के आसान साधन होना भी जरूरी है।
स्मार्टफोन-बेस्ड पेमेंट से व्यापारियों की लागत घटाने का लक्ष्य
Viyona के अनुसार, NPCI-सर्टिफाइड टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में कंपनी को UPI-बेस्ड पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ काम करने वाले प्लेटफॉर्म विकसित करने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने का अनुभव है। कंपनी केंद्रीय बैंकों, Acquiring Banks और स्थानीय PSPs को ऐसी मर्चेंट पेमेंट तकनीक उपलब्ध कराना चाहती है, जिसे संबंधित पेमेंट सिस्टम्स के साथ जोड़ा जा सके।
जहां राष्ट्रीय पेमेंट स्विच ट्रांजैक्शन की रूटिंग और क्लियरिंग संभालते हैं, वहीं SoftPOS तकनीक उस स्तर पर काम करती है, जहां ग्राहक व्यापारियों को भुगतान करते हैं। Viyona Tap & Pay के जरिए कंपनी का लक्ष्य संगत स्मार्टफोन को कॉन्टैक्टलेस पेमेंट टर्मिनल के रूप में इस्तेमाल करने की सुविधा देना है। इससे खासकर छोटे कारोबारियों की अलग POS हार्डवेयर पर निर्भरता कम हो सकती है।
कंपनी ने कहा कि भारत और अफ्रीका के चुनिंदा बाजारों में Viyona Tap & Pay का कमर्शियल लॉन्च आवश्यक पेमेंट नेटवर्क सर्टिफिकेशन और क्षेत्रीय नियामकीय मंजूरियों के बाद किया जाएगा। इसलिए विस्तार का समय और इसका दायरा इन प्रक्रियाओं के पूरा होने तथा स्थानीय साझेदारियां विकसित होने पर निर्भर करेगा।