Zenergize को मिला 35 करोड़ रुपये का फंड

Zenergize को मिला 35 करोड़ रुपये का फंड

Zenergize को मिला 35 करोड़ रुपये का फंड
ज़ेनर्जाइज़ टेक्नोलॉजीज़ ने SiC आधारित पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के विस्तार के लिए प्री-सीरीज A राउंड में 4 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।

ज़ेनर्जाइज़ टेक्नोलॉजीज़ (Zenergize Technologies) ने सिलिकन कार्बाइड Silicon Carbide (SiC) आधारित स्वदेशी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स विकसित करने के लिए प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड में 4 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इक्विटी और वेंचर डेट से बने इस राउंड का नेतृत्व Giraffe Studios ने किया, जबकि कई प्रमुख इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स ने भी इसमें भाग लिया। यह फंडिंग ऐसे समय में हुई है जब कंपनी ने कमर्शियलाइजेशन के एक साल के भीतर ₹30 करोड़ का वार्षिक रेवेन्यू रन रेट और 150 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक हासिल किया है।

कंपनी के अनुसार, नई पूंजी का उपयोग मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, भारत में अपने सेल्स और सर्विस नेटवर्क का विस्तार करने और ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स विकसित करने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी इंजीनियरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और बड़े एंटरप्राइज एवं OEM ग्राहकों को सपोर्ट करने के लिए अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं को भी मजबूत करेगी।

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Giraffe Studios ने किया, जिसने ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) में अपने मौजूदा निवेश को भी बढ़ाया है। निवेशकों के समूह में Triveni Turbine के Nikhil Sawhney, एलेनबैरी इंडस्ट्रियल गैसिस के वरुण अग्रवाल, बैग्रीज़ होल्डिंग्स के श्याम बागरी, Trafigura के राउल बजाज, एंजेल इन्वेस्टर सुनील कालरा, Delhivery के पूर्व सीओओ अजित पाई, Delhivery के पूर्व सीबीओ संदीप बरासिया, नियो ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन जैन और न्यू बैंक के सीईओ हेमंत डागा समेत अन्य निवेशक शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, इन निवेशकों के पास इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन, फाइनेंशियल सर्विसेज और पावर सेक्टर में लंबा अनुभव है। ये निवेशक पूंजी के अलावा ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) को मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को स्केल करने, सप्लायर पार्टनरशिप मजबूत करने और भारत के रिन्यूएबल एनर्जी तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम में दीर्घकालिक कारोबारी संबंध बनाने में भी सहयोग करेंगे।

ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) ने भारत का पहला स्वदेशी SiC-based DC fast charger और solar inverter platforms विकसित किए हैं और इन्हें कमर्शियल स्तर पर तैनात किया जा रहा है। कंपनी के चार्जर्स को ऑटोमोटिव सर्टिफिकेशन और सोलर इनवर्टर्स को BIS सर्टिफिकेशन प्राप्त है। अब कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी को हाइब्रिड इनवर्टर्स और Battery Energy Storage Systems (BESS) इनवर्टर्स तक विस्तार देने की तैयारी कर रही है।

नई पूंजी का प्रमुख इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, इंजीनियरिंग टीम को मजबूत करने, देशभर में सर्विस नेटवर्क और सेल्स फुटप्रिंट बढ़ाने तथा R&D को तेज करने में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य अगले चरण में ₹100 करोड़ से अधिक का वार्षिक रेवेन्यू रन रेट हासिल करना है।

जिराफ़ स्टूडियोज़ (Giraffe Studios) के को-फाउंडर हिमांशु ने कहा, “Giraffe Studios का फोकस भारत में डीप-टेक इनोवेशन को आगे बढ़ाने पर है। हम उन टीमों का समर्थन करते हैं जो कोर टेक्नोलॉजी विकसित कर रही हैं, वैल्यू चेन के एक बड़े हिस्से को अपने नियंत्रण में ले रही हैं और बड़े बाजारों में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर कर रही हैं। ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) इसी दिशा में फिट बैठता है। हमारा मानना है कि यह राउंड (Zenergize) को भारत की पहली हाई-वोल्टेज पावर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में स्थापित करने और भारत में एक मजबूत खिलाड़ी बनाने में मदद करेगा।”

ज़ेनर्जाइज़ टेक्नोलॉजीज़ (Zenergize Technologies) के को-फाउंडर और सीईओ नवनीत डागा ने कहा, “पिछले एक साल ने साबित किया है कि वर्ल्ड-क्लास पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को भारत में डिजाइन, मैन्युफैक्चर और कमर्शियल स्तर पर सफल बनाया जा सकता है। हमारा अगला चरण मैन्युफैक्चरिंग स्केल, इंजीनियरिंग क्षमता और कस्टमर पार्टनरशिप तैयार करने पर केंद्रित है, जिससे भारतीय टेक्नोलॉजी को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।”

वहीं, ज़ेनर्जाइज़ टेक्नोलॉजीज़ (Zenergize Technologies) के को-फाउंडर और सीटीओ डॉ. वीर करण गोयल ने कहा, “भारत के एनर्जी ट्रांजिशन के लिए ऐसे पावर इलेक्ट्रॉनिक्स की जरूरत है जिन्हें भारतीय ग्रिड कंडीशंस, जलवायु और ऑपरेटिंग वातावरण को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया हो, न कि दूसरे बाजारों के प्रोडक्ट्स को यहां के लिए अनुकूलित किया जाए। ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) ने अत्याधुनिक सिलिकन कार्बाइड तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसे प्रोडक्ट्स विकसित किए हैं जो भारतीय परिस्थितियों के लिए बेहतर होने के साथ अधिक एफिशिएंट और कीमत के लिहाज से प्रतिस्पर्धी हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि कंपनी का अनुभव उसके प्रोडक्ट पाइपलाइन को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और आने वाले समय में Hybrid Inverters, Battery Energy Storage Systems (BESS) तथा अन्य नेक्स्ट-जेनरेशन पावर इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म पेश किए जाएंगे।

ग्लोबल पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में Silicon Carbide और अगली पीढ़ी की सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में Zenergize का लक्ष्य भारत को केवल एडवांस्ड पावर इलेक्ट्रॉनिक्स का उपभोक्ता नहीं, बल्कि इसके निर्माण और इनोवेशन का केंद्र बनाना है। कंपनी स्वदेशी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को ग्लोबल स्तर की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के साथ जोड़कर भारत में डिजाइन, इंजीनियर और मैन्युफैक्चर किए गए प्रतिस्पर्धी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स विकसित करने पर काम कर रही है।

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