वृद्धि से स्थिरता की ओर: ब्रांड्स अब टिकाऊ विकास पर ध्यान दे रहे हैं

वृद्धि से स्थिरता की ओर: ब्रांड्स अब टिकाऊ विकास पर ध्यान दे रहे हैं

वृद्धि से स्थिरता की ओर: ब्रांड्स अब टिकाऊ विकास पर ध्यान दे रहे हैं
वर्ष  2025 के बाद भारत के फैशन D2C सेक्टर में वृद्धि की रणनीति बदल गई है, जहां ब्रांड्स अब तेजी से स्केलिंग के बजाय स्थिरता, गुणवत्ता और ब्रांड भरोसे पर ध्यान दे रहे हैं।

लगभग एक दशक तक डिस्काउंट, परफॉर्मेंस मार्केटिंग और आक्रामक विस्तार के सहारे D2C फैशन ब्रांड्स तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन 2025 ने भारत के फैशन सेक्टर में एक संरचनात्मक पुनर्संयोजन का संकेत दिया। वृद्धि धीमी नहीं हुई, लेकिन अब यह अधिक संतुलित और रणनीतिक बन गई है। विभिन्न सेगमेंट में ब्रांड्स अब तेजी से बिक्री के बजाय दृढ़ता और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं, और छोटे-मोटे टॉपलाइन लाभ के बजाय यूनिट इकॉनॉमिक्स, इन्वेंटरी अनुशासन और ब्रांड भरोसे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

बाजार का विस्तार जारी है

भारत का ऑनलाइन फैशन मार्केट, जो USD 110 बिलियन के व्यापक परिधान उद्योग का हिस्सा है, अब लगभग USD 11 बिलियन तक पहुंच गया है और 2028 तक USD 35 बिलियन तक बढ़ने का अनुमान है, जो लगभग 25% CAGR पर बढ़ रहा है। अवसर बड़े हैं, लेकिन विकास की रणनीति बदल रही है।

स्केल से सस्टेनेबिलिटी की ओर रुख

जबकि उपभोक्ता मांग मजबूत बनी हुई है, ब्रांड्स अब यह सोचकर बढ़ रहे हैं कि वे कैसे बढ़ें। विश्लेषकों के अनुसार, भारत का D2C सेक्टर 2025 के अंत तक USD 100 बिलियन पार कर सकता है और 2030 तक USD 300 बिलियन तक विस्तार कर सकता है। लेकिन संस्थापक कहते हैं कि आज की वृद्धि सार्वभौमिक उपस्थिति के बजाय संगति और स्थिरता पर आधारित है।

मिरगियो (Miraggio) के संस्थापक और सीईओ मोहित जैन कहते हैं, "आज उपभोक्ता तेजी से ब्रांड्स खोजते हैं, लेकिन खरीद निर्णय धीरे लेते हैं। पहली खरीद सोशल, क्रिएटर्स और दोस्तों की सिफारिश से होती है, लेकिन दोहराई गई खरीद उत्पाद की गुणवत्ता, स्थिरता और ब्रांड का रोजमर्रा के जीवन में फिट होना तय करती है।"

ARK ब्रांड का दृष्टिकोण

ARK के सह-संस्थापक और सीईओ अभिनव वर्मा बताते हैं, "दृश्यता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह अब वफादारी की गारंटी नहीं है। पहली खरीद रोमांच से हो सकती है, लेकिन दोहराई गई खरीद विश्वसनीयता से होती है। 2026 में हमारे लिए वृद्धि का मतलब हर जगह मौजूद होना नहीं, बल्कि भरोसेमंद तरीके से चुना जाना है।"

डिस्काउंट-आधारित गति का अंत

फैशन इंडस्ट्री की परिपक्वता का एक स्पष्ट संकेत इन्वेंटरी और मार्जिन पर renewed focus है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि D2C ब्रांड्स अब AI-आधारित डिमांड फोरकास्टिंग, प्रेडिक्टिव असॉर्टमेंट प्लानिंग और तेज रिप्लेनिशमेंट साइकिल्स की ओर बढ़ रहे हैं ताकि ओवरस्टॉकिंग और भारी डिस्काउंटिंग से बचा जा सके।

मिरगियो  (Miraggio) में जैन कहते हैं, "हम अब केवल inflated sales के बजाय वास्तविक मांग को ट्रैक कर रहे हैं। रिपीट पर्चेज रेट्स, फुल-प्राइस सेल-थ्रू और इन्वेंटरी एजिंग हमारी प्राथमिकता हैं। सप्लाई चेन में लचीलापन और गति अब स्केल से ज्यादा मायने रखती है।"

ARKS भी इसी रणनीति पर ध्यान दे रहा है, जैसे कि इन्वेंटरी वेलोसिटी, रिटर्न बिहेवियर और भारी डिस्काउंटिंग के बिना प्राइसिंग रेजिलियंस।

लार्ज लेगसी प्लेयर्स की रणनीति

केवल किरण क्लोथिंग लिमिटेड में जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर हेमंत जैन बताते हैं कि सेल-थ्रू, कैटेगरी-लेवल डिमांड सिग्नल और रिप्लेनिशमेंट टाइमलाइन उनकी योजना का केंद्रीय हिस्सा हैं।

ओमनीचैनल अब वैकल्पिक नहीं

पहली D2C वृद्धि प्लेटफॉर्म-फर्स्ट रणनीति पर आधारित थी, लेकिन 2025 ने ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों चैनल्स के महत्व को रेखांकित किया। Kisah Apparels और GIVA जैसी कंपनियों ने इस बदलाव के अनुसार फंडिंग जुटाई। संस्थापक कहते हैं कि ऑफलाइन अब केवल विस्तार नहीं, बल्कि ट्रस्ट और कन्वर्ज़न के लिए महत्वपूर्ण है।

उपभोक्ता अब अधिक इंटेंशनल हैं

डेटा दिखाता है कि 2025 में उत्सव से पहले की शॉपिंग साइकिल ने 16% YoY वृद्धि दर्ज की, जो उपभोक्ताओं की योजना और आत्मविश्वास को दर्शाता है। Fabindia के प्रेसिडेंट सुमित अरोड़ा कहते हैं, "खरीदारी अब इंटेंशनल है—लुक्स, गिफ्ट्स और घर के लिए चयन कहानी कहने वाला बन गया है। प्राकृतिक फैब्रिक्स और हैंडक्राफ्टेड डिटेल्स की मांग बढ़ी है।"

स्केल, प्रीमियमाइजेशन और विविधता

Tata Group का Zudio दर्शाता है कि स्केल और स्थिरता से नेतृत्व संभव है, जबकि Sabyasachi जैसे प्रीमियम ब्रांड्स अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत कर रहे हैं। Nykaa का फैशन और लाइफस्टाइल वर्टिकल 21% बढ़ा।

भविष्य की दिशा

संस्थापक और वरिष्ठ अधिकारी सहमत हैं कि अगला विकास संयम और महत्वाकांक्षा का संतुलन करेगा। निवेश अब केवल अधिग्रहण पर नहीं, बल्कि डिज़ाइन क्षमता, डेटा-आधारित निर्णय और सप्लाई चेन एजिलिटी पर केंद्रित हैं।

मिरगियो (Miraggio) के जैन कहते हैं, "वह ब्रांड जीतेंगे जो क्रिएटिविटी और ऑपरेशनल डिसिप्लिन का संतुलन बनाएंगे।" ARK के वर्मा जोड़ते हैं, "वोलैटिलिटी कम करना महत्वपूर्ण होगा।" केवल किरण के हेमंत जैन कहते हैं, "सतत ब्रांड बिल्डिंग, डिज़ाइन इनोवेशन और डेटा-ड्रिवेन एक्ज़िक्यूशन ही प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में स्थायित्व तय करेगा।"

 

 

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