उत्तर प्रदेश अब केवल देश का सबसे बड़ा कृषि उत्पादक राज्य नहीं, बल्कि कृषि नवाचार, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-एक्सपोर्ट और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से भारत की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कृषि क्षेत्र में तकनीक, वैल्यू एडिशन, निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयास उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक विकास यात्रा का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बना रहे हैं। यह विचार उत्तर प्रदेश के कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने Entrepreneur Game Changer Awards 2026 - Uttar Pradesh के अंतर्गत आयोजित विशेष सत्र "Mission Trillion Dollar UP: Building the Growth Engine of New India" में व्यक्त किए।
लखनऊ में स्थित Hotel Renaissance में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक, Entrepreneur India & APAC के एडिटोरियल डायरेक्टर सचिन मार्या, संपादक संजीव झा, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि, स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक, नीति-निर्माता तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में बना देश की अग्रणी शक्ति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि राज्य ने केवल खाद्यान्न उत्पादन ही नहीं बढ़ाया, बल्कि बागवानी, सब्जी उत्पादन, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश तेजी से कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का विशेष फोकस
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों को नीति निर्माण के केंद्र में रखा गया है। विभिन्न योजनाओं और सुधारों के माध्यम से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन लगभग 54.3 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 72.5 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। वहीं गन्ना उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा गन्ना किसानों की प्रति हेक्टेयर आय में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।
दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, लेकिन आज भी दलहन और खाद्य तेलों के लिए बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार दलहन एवं तिलहन उत्पादन को बढ़ावा दे रही है, ताकि देश की आयात निर्भरता कम हो और कृषि क्षेत्र अधिक आत्मनिर्भर बन सके।
बागवानी, फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य में बागवानी, मसाला उत्पादन, फूलों की खेती और मेंथा उत्पादन में भी तेज़ी से वृद्धि हुई है। सरकार अब केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और अधिक आय प्राप्त हो सके।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से किसानों को मिल रही वैश्विक बाजार तक पहुंच
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, सड़क नेटवर्क, रेलवे, एयर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से किसानों और कृषि उत्पादकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिली है। इससे कृषि उत्पादों के निर्यात को नई गति मिली है।
बंजर भूमि को बनाया जा रहा खेती योग्य
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत हर वर्ष हजारों हेक्टेयर ऊसर एवं बंजर भूमि को वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से खेती योग्य बनाया जा रहा है। इससे कृषि योग्य भूमि का विस्तार हो रहा है और किसानों को अतिरिक्त उत्पादन का अवसर मिल रहा है। साथ ही प्रताप शाही ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों को बहुफसली खेती, इंटरक्रॉपिंग, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के लिए लगातार प्रशिक्षित कर रही है। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कृषि निर्यात को बढ़ाने के लिए विकसित किया गया आधुनिक इकोसिस्टम
प्रताप शाही ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रयोगशालाएं और परीक्षण सुविधाएं विकसित की हैं। ऑर्गेनिक उत्पादों और फलों के निर्यात के लिए रेडिएशन लैब जैसी आधुनिक सुविधाओं की स्थापना से अब राज्य से सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात संभव हो रहा है। साथ ही उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के आम अब रूस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), फ्रांस, यूरोप और अमेरिका सहित कई वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं। वहीं बासमती चावल सहित अन्य कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनुसंधान एवं परीक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
कृषि अनुसंधान और नवाचार को मिल रहा प्रोत्साहन
प्रताप शाही ने कहा कि राज्य में कृषि अनुसंधान संस्थानों को मजबूत किया जा रहा है तथा आधुनिक कृषि तकनीकों, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को वैश्विक कृषि बाजार में मजबूत पहचान मिल रही है।
'मिशन ट्रिलियन डॉलर यूपी' में कृषि निभाएगी निर्णायक भूमिका
अपने संबोधन के समापन में सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कृषि आधुनिकीकरण, फूड प्रोसेसिंग, कृषि निर्यात, अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के समन्वित विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने में देश का सबसे मजबूत आर्थिक ग्रोथ इंजन बनकर उभरेगा।