ब्रिटेन ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री का पद बनाया है और इस जिम्मेदारी के लिए भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को नियुक्त किया गया है। वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) ने अपने नए मंत्रिमंडल का गठन करते हुए इस नए पद को शामिल किया है। बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे 37 वर्षीय कनिष्क नारायण 12 वर्ष की उम्र में अपने परिवार के साथ ब्रिटेन चले गए थे।
कनिष्क नारायण ने सोशल मीडिया पर लिखा, "AI मानव इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक बनने जा रही है। इसका प्रभाव अन्य सभी तकनीकों से कहीं अधिक होगा।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर AI का सही उपयोग किया जाए तो यह ब्रिटेन के उद्योगों को नई गति देगा, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाएगा। हालांकि रोजगार और तेजी से हो रहे बदलाव को लेकर लोगों की चिंताएं भी वास्तविक हैं। आज दुनिया के देशों के पास यह तय करने का सीमित समय है कि वे AI का नेतृत्व करेंगे या फिर AI उनके भविष्य को तय करेगा। ब्रिटेन फिलहाल इसी महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है।"
कनिष्क नारायण की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब तकनीक, अर्थव्यवस्था, उद्योग और रोजगार के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
1. AI मंत्री के रूप में क्या होंगी जिम्मेदारियां?
AI मंत्री के रूप में कनिष्क नारायण ब्रिटेन में AI तकनीकों के सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश में AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम करेंगे।
उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं :
- AI तकनीकों के लिए नियम और नीतियां तैयार करना।
- AI के सुरक्षित और नैतिक उपयोग को बढ़ावा देना।
- ब्रिटेन में AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना।
- AI क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना।
- ब्रिटेन और भारत के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करना।
उनकी भूमिका ब्रिटेन की AI रणनीति को आगे बढ़ाने और देश को वैश्विक AI नेतृत्व की दिशा में मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण होगी।
2. कैसा रहा अब तक का करियर?
कनिष्क नारायण ने अपने करियर की शुरुआत ब्रिटेन के पर्यावरण विभाग (Environment Department) में सिविल सर्वेंट के रूप में की, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरून और लिज़ ट्रस की सरकारों के दौरान काम किया। इसके बाद उन्होंने निजी क्षेत्र में वित्त (Finance), निवेश (Investment) और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम किया। बाद में वे लेबर पार्टी (Labour Party) से सक्रिय राजनीति में आए और वेल ऑफ ग्लैमॉर्गन (Vale of Glamorgan) से पार्टी के उम्मीदवार बने।
साल 2024 के आम चुनाव में उन्होंने मौजूदा सांसद को हराकर लेबर पार्टी के पहले सांसद के रूप में जीत दर्ज की। सितंबर 2025 में उन्हें संसदीय अवर सचिव (Parliamentary Under-Secretary of State for AI and Online Safety) बनाया गया और 20 जुलाई 2026 को वे ब्रिटेन के पहले AI मंत्री बने।
3. शिक्षा और योग्यता
कनिष्क नारायण ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कैथेज़ हाई स्कूल (Cathays High School), कार्डिफ़, वेल्स से की। इसके बाद छात्रवृत्ति (Scholarship) के आधार पर उन्होंने ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ईटन कॉलेज (Eton College) में शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (University of Oxford) से फिलॉसफी, पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक्स (PPE) विषय में स्नातक (Bachelor of Arts) की डिग्री हासिल की।
उच्च शिक्षा के लिए वे अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (Stanford University) गए, जहां से उन्होंने MBA (Master of Business Administration) किया। सरकारी प्रशासन, निजी क्षेत्र और उच्च शिक्षा का यह अनुभव उन्हें AI, आर्थिक विकास, डिजिटल नवाचार और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में प्रभावी नेतृत्व प्रदान करने में मदद करता है।
4. प्रमुख उपलब्धियां
जुलाई 2024 में कनिष्क नारायण वेल्स से चुने जाने वाले पहले एथनिक माइनॉरिटी (जातीय अल्पसंख्यक) सांसद बने। उनकी इस उपलब्धि को ब्रिटिश राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव माना गया। बीबीसी ने उनकी जीत को "1929 के बाद सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं में से एक" बताया था।
AI और डिजिटल नीतियों पर उनकी गहरी समझ तथा सार्वजनिक प्रशासन और निजी क्षेत्र के अनुभव ने उन्हें ब्रिटेन की नई AI नीति के लिए महत्वपूर्ण चेहरा बना दिया है।
5. AI को लेकर क्या है उनका विजन?
AI मंत्री का पद संभालने के 48 घंटे बाद ही कनिष्क नारायण ने अपनी प्राथमिकताओं को सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश की प्रमुख AI और टेक्नोलॉजी कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
इनमें AI के माध्यम से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, नए रोजगार सृजित करना, AI उद्योग को मजबूत बनाना तथा स्थानीय समुदायों और कर्मचारियों तक AI के लाभ पहुंचाना शामिल है। उन्होंने ट्रेड यूनियनों और क्षेत्रीय टेक्नोलॉजी समूहों के साथ भी चर्चा की और कहा कि प्रधानमंत्री AI को लेकर तेजी से काम करना चाहते हैं ताकि ब्रिटेन वैश्विक AI नेतृत्व में अपनी मजबूत भूमिका निभा सके।
कनिष्क नारायण ने कहा, "दुनिया के देशों के पास यह तय करने का बहुत सीमित समय है कि वे AI का नेतृत्व करेंगे या AI उनके भविष्य को तय करेगा। ब्रिटेन इस समय उसी निर्णायक दौर में है। जब तक यह अवसर हमारे पास है, मैं पूरी गति, महत्वाकांक्षा और दृढ़ संकल्प के साथ काम करूंगा ताकि AI के भविष्य को आकार देने में ब्रिटेन अग्रणी भूमिका निभा सके।"