खास बात यह है कि Accel ने अपना पिछला भारत फंड सिर्फ 19 महीने पहले ही जुटाया था। नए फंड के जरिए भारत के शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश किया जाएगा। वहीं Accel के पार्टनर प्रयांक स्वरूप ने कहा कि शुरुआती दौर में निवेशकों का ध्यान बड़े लैंग्वेज मॉडल यानी LLM पर रहा है, लेकिन अब AI के एप्लिकेशन लेयर में भी बड़ा अवसर मौजूद है। कंपनी आगे टेक्नोलॉजी आधारित शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स पर अपना फोकस बनाए रखेगी।
Accel ने 2005 में भारत में कदम रखा था और तब से Flipkart, Freshworks और Swiggy जैसी कई भारतीय कंपनियों में निवेश कर चुकी है। कंपनी का पोर्टफोलियो फिनटेक, SaaS, ई-कॉमर्स, कंज्यूमर इंटरनेट और अन्य टेक्नोलॉजी क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
यह फंड ऐसे समय में जुटाया गया है जब भारत में वेंचर कैपिटल निवेश पहले की तुलना में अधिक चुनिंदा हो गया है। निवेशक अब मजबूत ग्रोथ क्षमता और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसके बावजूद Accel के नए फंड का ओवरसब्सक्राइब होना भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेशकों की लगातार रुचि को दर्शाता है।
550 मिलियन डॉलर का यह फंड Accel का भारत के लिए नौवां फंड है। इसके जरिए कंपनी शुरुआती चरण के भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश जारी रखेगी और AI, सॉफ्टवेयर, कंज्यूमर टेक्नोलॉजी तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में नए अवसर तलाशेगी। Accel के अनुसार, भारत में दो दशकों से अधिक समय से उसकी मौजूदगी है और नया फंड देश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम में उसकी निवेश रणनीति को आगे बढ़ाएगा।