इस राउंड में कंपनी के मौजूदा निवेशकों Sierra Ventures और 3one4 Capital ने भी हिस्सा लिया। Smallest.ai इस नई पूंजी का इस्तेमाल बिजनेस कम्युनिकेशन के लिए अपनी Speech-to-Speech AI तकनीक के विस्तार और तैनाती में तेजी लाने के लिए करेगी।
रियल-टाइम वॉयस AI के लिए खुद का टेक्नोलॉजी स्टैक
Smallest.ai की स्थापना सुदर्शन कामथ और अक्षत मंडलोई ने की है। कंपनी रियल-टाइम वॉयस एप्लिकेशन के लिए एक ऐसा AI स्टैक विकसित कर रही है, जिसमें स्पीच, लैंग्वेज और वॉयस प्रोसेसिंग के लिए अपने खुद के मॉडल इस्तेमाल किए जाते हैं। कंपनी बातचीत के अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग थर्ड-पार्टी API पर निर्भर रहने के बजाय अपने पूरे मॉडल स्टैक को खुद नियंत्रित करती है।
वॉयस AI में देरी कम करने पर फोकस
पारंपरिक वॉयस ऑटोमेशन सिस्टम में आमतौर पर Speech-to-Text, Large Language Model और Text-to-Speech जैसे अलग-अलग सिस्टम जुड़े होते हैं। इन सिस्टम के बीच डेटा ट्रांसफर होने से बातचीत में देरी बढ़ सकती है। कंपनी के अनुसार, 200–300 मिलीसेकंड से अधिक की देरी वॉयस बातचीत को कम स्वाभाविक बना सकती है।
Smallest.ai का सिस्टम बातचीत की पूरी प्रोसेसिंग को एक Unified Execution Layer में जोड़ता है। कंपनी अपने मॉडल और इंफ्रास्ट्रक्चर को नियंत्रित करती है, जिससे वॉयस प्रोसेसिंग के अलग-अलग हिस्सों को एक साथ बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज किया जा सकता है।
चार AI मॉडल पर आधारित है Smallest.ai का स्टैक
कंपनी का टेक्नोलॉजी स्टैक चार प्रमुख मॉडल Lightning, Pulse, Electron और Hydra पर आधारित है। Lightning कंपनी का Text-to-Speech मॉडल है, जो करीब 100 मिलीसेकंड में 10 सेकंड का ऑडियो तैयार कर सकता है और 1 GB से कम VRAM पर काम करता है। Pulse एक स्पेशलाइज्ड ट्रांसक्रिप्शन मॉडल है, जो 300 मिलीसेकंड से कम समय में पहला ट्रांसक्रिप्ट उपलब्ध करा सकता है। इससे वॉयस एजेंट बातचीत जारी रहते हुए ही प्रतिक्रिया तैयार करना शुरू कर सकता है।
Electron रियल-टाइम बातचीत के लिए बनाया गया एक छोटा Language Model है। इसका डिजाइन ज्यादा पैरामीटर पर निर्भर रहने के बजाय कम देरी के साथ बेहतर reasoning देने पर केंद्रित है। Hydra Speech-to-Speech मॉडल है, जो आने वाले ऑडियो को पहले टेक्स्ट में बदलने के बजाय सीधे ऑडियो वेवफॉर्म को प्रोसेस करता है। इसका सिस्टम बातचीत के दौरान ही टूल कॉल और अन्य कार्यों को शुरू कर सकता है।
हाई-वॉल्यूम वॉयस ट्रैफिक के लिए अपना इंफ्रास्ट्रक्चर
Smallest.ai ने बड़ी संख्या में एक साथ होने वाली वॉयस बातचीत को संभालने के लिए अपना Inference Infrastructure भी तैयार किया है। Enterprise Contact Centres में बिलिंग, प्रमोशनल कैंपेन या सर्विस से जुड़ी समस्याओं के दौरान अचानक कॉल वॉल्यूम बढ़ सकता है। इससे API आधारित सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है और उनकी स्पीड प्रभावित हो सकती है।
कंपनी का इंफ्रास्ट्रक्चर मांग के अनुसार लोड क्यू और कंप्यूटिंग रिसोर्सेज को मैनेज कर सकता है। इसके अलावा, अधिक डेटा और इंफ्रास्ट्रक्चर नियंत्रण की जरूरत वाले उद्यमों के लिए Smallest.ai On-Premise Deployment की सुविधा भी देती है। वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म के पास HIPAA, GDPR, SOC 2 Type II और ISO 27001 से जुड़े Compliance Certifications और Standards हैं।
RingCentral और Truecaller जैसी कंपनियां कर रही हैं इस्तेमाल
Smallest.ai ने शुरुआती रिसर्च स्टेज से आगे बढ़कर अब प्रोडक्शन डिप्लॉयमेंट पर ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी के अनुसार, RingCentral और Truecaller सहित कई कंपनियां वॉयस इंटरैक्शन के लिए इसकी तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। कंपनी का कहना है कि उसका प्लेटफॉर्म वर्तमान में हर महीने लाखों वॉयस इंटरैक्शन को संचालित करता है। इसके मॉडल और इंफ्रास्ट्रक्चर के ऑप्टिमाइजेशन से बड़े स्तर पर Text-to-Speech की लागत करीब $0.20 प्रति मिनट से घटकर $0.01 प्रति मिनट हो गई है।
नई फंडिंग से Enterprise Voice AI का विस्तार
3one4 Capital ने Smallest.ai में कंपनी के Pre-Seed चरण में निवेश किया था, जब कंपनी शुरुआती रिसर्च पर काम कर रही थी। Series A राउंड में भी 3one4 Capital की भागीदारी जारी रही, साथ ही Seligman Ventures और Sierra Ventures ने निवेश किया। नई फंडिंग के बाद Smallest.ai का फोकस अपनी Voice AI Infrastructure की तैनाती बढ़ाने और Enterprise Communications के लिए नए AI एप्लिकेशन विकसित करने पर रहेगा।
Smallest.ai