AI आत्मनिर्भर भारत का राष्ट्रीय मिशन बनना चाहिए: मुकेश अंबानी

AI आत्मनिर्भर भारत का राष्ट्रीय मिशन बनना चाहिए: मुकेश अंबानी

AI आत्मनिर्भर भारत का राष्ट्रीय मिशन बनना चाहिए: मुकेश अंबानी
रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में सुलभ, भरोसेमंद और किफायती AI सेवाएं विकसित कर रही है।


वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने राजस्व, लाभ और EBITDA के मामले में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी की रिटेल, डिजिटल सेवाएं और AI इकाई रिलायंस इंटेलिजेंस इस वृद्धि के प्रमुख आधार रहे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, “इन अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों से भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण सीख यह है कि हमें महत्वपूर्ण संसाधनों और तकनीकों में आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को और तेज करना होगा। ऊर्जा आत्मनिर्भरता और AI आत्मनिर्भरता को भारत का राष्ट्रीय मिशन बनना चाहिए। इन मिशनों की सफलता विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहद जरूरी है।”

उन्होंने कहा कि रिलायंस इन दोनों राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। कंपनी ने रिलायंस को एक प्रमुख डीप-टेक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी बनाने की मजबूत नींव रखी है। इसके लिए नवाचार और अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है।

मजबूत वित्तीय प्रदर्शन

रिलायंस का कुल समेकित राजस्व FY26 में बढ़कर 11,75,919 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का शुद्ध लाभ 95,754 करोड़ रुपये (10.1 अरब डॉलर) रहा, जो साल-दर-साल 17.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिलायंस का पूंजीगत व्यय (Capex) 1,44,271 करोड़ रुपये रहा। पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने कुल 6,48,428 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह राशि पिछले पांच वर्षों में भारत की शीर्ष 50 कंपनियों द्वारा किए गए कुल निवेश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।

निर्यात और राष्ट्र निर्माण में योगदान

रिलायंस का कुल निर्यात 2,78,808 करोड़ रुपये (29.4 अरब डॉलर) रहा, जो भारत के कुल माल निर्यात का 6.7 प्रतिशत है। कंपनी देश के राजकोष में सबसे बड़ा योगदान देने वाली कंपनियों में बनी रही और उसने 2,16,472 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

मुकेश अंबानी ने कहा, “भारत की समावेशी आर्थिक वृद्धि और राष्ट्र निर्माण में रिलायंस का योगदान अद्वितीय रहा है। हमारी पूंजी आवंटन रणनीति, सक्रिय जोखिम प्रबंधन, मजबूत बैलेंस शीट और बढ़ते नकदी प्रवाह ने इन उपलब्धियों को संभव बनाया है।”

AI क्रांति की ओर बड़ा कदम

रिलायंस ने पिछले वर्ष अपनी नई डीप-टेक पहल रिलायंस इंटेलिजेंस की घोषणा की थी। कंपनी का पहला लक्ष्य भारत में AI के विकास की सबसे बड़ी चुनौती उच्च लागत और सीमित कंप्यूटिंग क्षमता को दूर करना है।

इस उद्देश्य से रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का स्वदेशी AI इंफ्रास्ट्रक्चर (Sovereign AI Backbone) तैयार कर रही है। यह अत्याधुनिक व्यवस्था रिलायंस के कच्छ स्थित नवीकरणीय ऊर्जा प्लेटफॉर्म से प्राप्त स्वच्छ सौर ऊर्जा पर आधारित होगी। कंपनी के अनुसार, इस परियोजना के पहले 120 मेगावाट चरण को वर्ष 2026 के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही अत्याधुनिक NVIDIA GB300 GPU आधारित कंप्यूटिंग सिस्टम भी स्थापित किए जा रहे हैं।

दुनिया के सबसे बड़े AI प्लेटफॉर्म में शामिल होने की तैयारी

रिलायंस के अनुसार, यह नई कंप्यूटिंग क्षमता AI इंफ्रेंस के आधार पर 75,000 से अधिक H100 GPU के बराबर होगी। जब 120 मेगावाट की पूरी क्षमता शुरू हो जाएगी, तब यह बढ़कर दो लाख H100 GPU के बराबर हो सकती है। रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी AI सेवाएं विकसित कर रही है, ताकि देश के अधिक से अधिक लोगों तक AI तकनीक की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

कंपनी का कहना है कि यह क्षमता रिलायंस को दुनिया में विकसित किए जा रहे सबसे बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्मों में शामिल करेगी।वहीं मुकेश अंबानी ने कहा, “जब कंप्यूटिंग क्षमता किफायती हो जाती है, तो नवाचार अपने आप तेज़ी से बढ़ने लगता है।”


Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities