एएमयू (AMU), जो इलेक्ट्रिक वाहन फाइनेंसिंग क्षेत्र में तेजी से उभर रही कंपनी है, ने मार्च 2027 तक अपने ईवी फाइनेंसिंग एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को 400 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी की योजना मार्च 2028 तक इसे बढ़ाकर 600 करोड़ करने की है। यह रणनीति देश के प्रमुख बाजारों में इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स को तेजी से अपनाए जाने का लाभ उठाने पर केंद्रित है।
कंपनी को उम्मीद है कि उसके ईवी फाइनेंसिंग कारोबार में डिस्बर्समेंट 35–40% की दर से बढ़ेगा। एएमयू (AMU) का पूरा ईवी फाइनेंसिंग पोर्टफोलियो फिलहाल इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स पर केंद्रित है। कंपनी का कहना है कि यह रणनीति कमर्शियल मोबिलिटी सेगमेंट में इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देने और ग्राहकों की फाइनेंसिंग जरूरतों को पूरा करने पर आधारित है।
एएमयू के ईवी फाइनेंसिंग पोर्टफोलियो ने अब तक करीब 38% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। कंपनी के अनुसार, इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स की बढ़ती मांग के साथ फाइनेंसिंग समाधानों की जरूरत भी बढ़ रही है। कंपनी को अपने प्रमुख बाजारों में कमर्शियल EV फाइनेंसिंग की ग्रोथ स्थिर रहने की उम्मीद है।
एएमयू वर्तमान में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और हरियाणा में काम कर रही है। कंपनी का फोकस यात्री और कार्गो मोबिलिटी में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स की फाइनेंसिंग पर है। इन बाजारों में फ्लीट ऑपरेटरों, व्यक्तिगत उद्यमियों और लास्ट-माइल मोबिलिटी प्रदाताओं के बीच कम ऑपरेटिंग कॉस्ट और बेहतर इकनॉमिक्स के कारण EVs की मांग बढ़ रही है।
एएमयू के सीईओ निहाल गुप्ता ने कहा, “इलेक्ट्रिक कमर्शियल मोबिलिटी अब उभरते अवसर से आगे बढ़कर तेजी से मुख्यधारा का हिस्सा बन रही है। हमारी रणनीति एक ऐसा फोकस्ड फाइनेंसिंग बिजनेस तैयार करना है, जो कमर्शियल ईवी ग्राहकों की विशेष जरूरतों को पूरा करे।”
मार्च 2027 तक 400 करोड़ का AUM लक्ष्य और 600 करोड़ के लक्ष्य को मार्च 2028 तक हासिल करने के साथ AMU तेजी से विकसित हो रही ईवी फाइनेंसिंग इकोसिस्टम में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य कमर्शियल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए फाइनेंसिंग की पहुंच को व्यापक बनाना है।