अमेरिकी सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट कंपनी एप्लाइड मैटिरियल्स (Applied Materials) भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अगले एक दशक में $5 बिलियन का निवेश करेगी। कंपनी ने नई दिल्ली में आयोजित देश के प्रमुख चिप कॉन्फ्रेंस SEMICON India में इसकी घोषणा की।
कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित निवेश का फोकस रिसर्च, सप्लाई चेन को बढ़ाने और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर होगा। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, भारत में सेमीकंडक्टर की खपत 2025 के $45-50 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $110 बिलियन तक पहुंच सकती है।
भारत ने दो सेमीकंडक्टर इंसेंटिव प्रोग्राम्स के तहत अब तक $21 बिलियन से अधिक की प्रतिबद्धता जताई है। देश अभी भी पूंजी-गहन सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में अपेक्षाकृत नया खिलाड़ी है।
पिछले पांच वर्षों में भारत के इंसेंटिव प्रोग्राम्स के तहत 12 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनमें से तीन चिप-पैकेजिंग प्लांट्स ने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, जिनमें Micron Technology द्वारा संचालित एक प्लांट भी शामिल है।
हालांकि, भारत में बड़े पैमाने की फैब्रिकेशन यूनिट से अभी तक किसी चिप का उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। गुजरात में Tata Electronics की $10 बिलियन की प्रमुख सेमीकंडक्टर फैब परियोजना को करीब दो साल की देरी का सामना करना पड़ा है।
तीन दिवसीय SEMICON India कार्यक्रम में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें चिप मटेरियल्स, डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। भारत ऐसे समय में खुद को एक वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग बेस के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जब अमेरिका-चीन के बीच चिप एक्सपोर्ट प्रतिबंध जारी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को नए और भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग लोकेशंस की जरूरत है और भारत इसके लिए लगातार खुद को तैयार कर रहा है।