भारत की सबसे बड़ी स्वदेशी कॉफी चेन बरिस्ता कॉफी (Barista Coffee) साल 2030 तक अपने कैफे नेटवर्क को बढ़ाकर 800 से 900 आउटलेट्स तक ले जाने की योजना बना रही है। इस विस्तार में कंपनी का खास फोकस टियर-II और टियर-III शहरों पर रहेगा।
हाल ही में कंपनी ने बिहार के पटना में अपना 500वां कैफे खोला है। छोटे शहरों में युवाओं के बीच कॉफी संस्कृति के बढ़ते चलन से मांग तेजी से बढ़ रही है, जहां लोगों की आकांक्षाएं और खर्च करने की क्षमता भी बढ़ रही है।
बरिस्ता अपने कॉफी वेंडिंग मशीन बिज़नेस को भी तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसकी शुरुआत कंपनी ने दो साल पहले की थी। फिलहाल कंपनी ने 500 वेंडिंग मशीनें लगाई हैं और अगले पांच वर्षों में इस संख्या को दस गुना बढ़ाकर करीब 5,000 मशीनों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। संस्थागत ग्राहकों से इस बिज़नेस को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और यह कंपनी के लिए एक अहम फोकस एरिया बन गया है।
बरिस्ता कॉफी के सीईओ रजत अग्रवाल ने कहा “पिछले 3-4 वर्षों में बरिस्ता ने टियर-II और टियर-III बाजारों पर ज्यादा ध्यान दिया है। यहां किराया और ऑपरेटिंग लागत कम होने की वजह से मेट्रो शहरों की तुलना में बेहतर मुनाफा मिल रहा है।”
अपने विस्तार की रणनीति के तहत कंपनी हर साल 50 से 60 नए आउटलेट खोलेगी। ये आउटलेट कंपनी के अपने स्टोर्स और फ्रेंचाइज़ी मॉडल दोनों के जरिए खोले जाएंगे। बरिस्ता को भरोसा है कि वह अगले चार से पांच साल में 800 से 900 आउटलेट्स के लक्ष्य तक पहुंच जाएगी, साथ ही मुनाफे के साथ विकास पर भी ध्यान बनाए रखेगी।
मेट्रो शहरों में बरिस्ता की मजबूत मौजूदगी है। दिल्ली-एनसीआर में कंपनी के 80 से ज्यादा स्टोर हैं और मुंबई में भी इसका बड़ा नेटवर्क है। बेंगलुरु में कंपनी के 7-8 स्टोर हैं, जबकि कोलकाता में 5-6 स्टोर संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, बरिस्ता सभी प्रमुख मेट्रो शहरों में मौजूद है। हालांकि, कंपनी की सबसे तेज़ ग्रोथ नॉन-मेट्रो शहरों से आ रही है।
इस संदर्भ में रजत अग्रवाल ने बताया कि भारत का कैफे उद्योग फिलहाल करीब ₹6,000 करोड़ का है और कॉफी की बढ़ती खपत के चलते यह हर साल 10-12 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। नेटवर्क स्तर पर, जिसमें फ्रेंचाइज़ी स्टोर्स भी शामिल हैं, बरिस्ता को वित्त वर्ष 2026 में करीब ₹400 करोड़ की बिक्री की उम्मीद है।