CBSE ने QR कोड रिकॉल प्रैंक पर दी सफाई, कहा- प्रश्नपत्र असली, सुरक्षा में कोई समझौता नहीं

CBSE ने QR कोड रिकॉल प्रैंक पर दी सफाई, कहा- प्रश्नपत्र असली, सुरक्षा में कोई समझौता नहीं

CBSE ने QR कोड रिकॉल प्रैंक पर दी सफाई, कहा- प्रश्नपत्र असली, सुरक्षा में कोई समझौता नहीं
CBSE ने कक्षा 12 की गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र पर छपे क्यूआर कोड से जुड़े विवाद पर स्पष्ट किया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं और परीक्षा सुरक्षा में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ है।


Central Board of Secondary Education ने कक्षा 12 की गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र पर छपे क्यूआर कोड से जुड़े विवाद पर स्पष्ट किया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं और परीक्षा सुरक्षा में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ है, साथ ही बोर्ड ने कहा कि परीक्षा की अखंडता पूरी तरह सुरक्षित है और छात्रों को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

सोमवार को आयोजित कक्षा 12 की गणित परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए। इन पोस्ट्स में दावा किया गया कि प्रश्नपत्र पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब पर Rick Astley के प्रसिद्ध गीत Never Gonna Give You Up के वीडियो से जुड़ जाता है। इंटरनेट पर इस तरह के मजाक को ‘रिकरोल’ (Rickroll) प्रैंक कहा जाता है। इस दावे के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच प्रश्नपत्र की सत्यता और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई

प्रेस रिलीज में दी गई आधिकारिक जानकारी 

CBSE ने 10 मार्च 2026 को जारी प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्रों में कई स्तरों के सुरक्षा फीचर्स शामिल होते हैं, जिनमें क्यूआर कोड भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन क्यूआर कोड का उपयोग किसी भी संदिग्ध स्थिति में प्रश्नपत्र की असलियत की जांच के लिए किया जाता है।

बोर्ड ने अपने बयान में कहा, “9 मार्च 2026 को कक्षा 12 की गणित परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। कुछ प्रश्नपत्र सेट्स में मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर एक यूट्यूब वीडियो का लिंक दिखाई दे रहा है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम पैदा हुआ है। बोर्ड स्पष्ट करता है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं और परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था अक्षुण्ण है।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला 

यह मामला परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद सामने आया, जब कुछ छात्रों ने एक्स, इंस्टाग्राम और रेडिट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रीनशॉट और वीडियो साझा किए। कई यूजर्स ने इसे मजाकिया इंटरनेट ट्रेंड बताया, जबकि कुछ लोगों ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठाए।

दरअसल, ‘रिकरोल’ प्रैंक 2007 से इंटरनेट पर लोकप्रिय है, जिसमें किसी व्यक्ति को बिना बताए “Never Gonna Give You Up” गीत का वीडियो लिंक भेज दिया जाता है। इस बार इसी ट्रेंड से जुड़ा लिंक कथित तौर पर प्रश्नपत्र के क्यूआर कोड से जुड़ा होने का दावा किया गया।

बोर्ड ने शुरू की जांच

CBSE ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि तकनीकी टीम इस घटना की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे प्रिंटिंग या तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना से परीक्षा प्रक्रिया या प्रश्नपत्र की गोपनीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

बोर्ड के अनुसार, भविष्य में ऐसी किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बना रहे।

छात्रों को आश्वासन

CBSE ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। बोर्ड ने यह भी दोहराया कि किसी भी वायरल दावे या अफवाह पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दिया जाए।

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