इन स्कूलों में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, आकर्षक और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में बदला जा रहा है, जहां डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही Atal Tinkering Labs और ICT सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं, जिससे छात्रों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा मिल रहा है।
समग्र विकास पर विशेष जोर
इन स्कूलों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत स्किल एजुकेशन, खेलकूद, योग और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बच्चों का मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास संतुलित रूप से हो सके।
पर्यावरण जागरूकता और ग्रीन पहल
पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। Mission LiFE के अंतर्गत ईको क्लब्स बनाए गए हैं, जहां छात्रों को प्रकृति के प्रति जागरूक किया जाता है और उन्हें पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके साथ ही BaLA (Building as Learning Aid) जैसी पहल के माध्यम से स्कूल के वातावरण को ही सीखने का माध्यम बनाया जा रहा है।
करियर गाइडेंस और बेहतर परिणाम
छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए करियर गाइडेंस और लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम्स भी शुरू किए गए हैं, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई और करियर चुनने में मदद मिल सके। इन सभी प्रयासों का सकारात्मक असर अब परीक्षा परिणामों में भी दिखाई दे रहा है। कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट में सुधार इस बात का प्रमाण है कि यह समग्र बदलाव सफल हो रहा है।
शिक्षा में आदर्श मॉडल बन रहा सिक्किम
कुल मिलाकर, सिक्किम के पीएम श्री स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनकर उभर रहे हैं, जहां आधुनिक तकनीक, समावेशी सोच और समग्र विकास को एक साथ बढ़ावा दिया जा रहा है।