25 सितंबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। उन्हें भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव के रैंक और वेतन के अनुरूप CBSE चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है और इसके लिए पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड किया गया है।
नियुक्ति से पहले मंदीप के भंडारी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत थे। वह 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं। अब वह लोकांडे प्रशांत सीताराम की जगह CBSE चेयरपर्सन की नियमित जिम्मेदारी संभालेंगे।
भंडारी की नियुक्ति चार महीने से भी कम समय में CBSE के नेतृत्व में तीसरे बदलाव के तौर पर हुई है। 2 जून को केंद्र ने तत्कालीन चेयरपर्सन राहुल सिंह का तबादला किया था और उसी दिन लोकांडे प्रशांत सीताराम को CBSE चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। बाद में सीताराम को केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया और CBSE का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
OSM व्यवस्था के बीच CBSE में नेतृत्व बदलाव
यह बदलाव CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हुआ है। OSM के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल माध्यम से जांचने की व्यवस्था की गई थी। इस प्रक्रिया को लेकर मूल्यांकन और रिजल्ट से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं।
2 जून को केंद्र सरकार ने OSM सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की थी। इसकी अध्यक्षता एस. राधा चौहान, चेयरपर्सन, Capacity Building Commission ने की। समिति को OSM सिस्टम के लिए सेवाओं की खरीद से जुड़े मामलों की जांच करने का जिम्मा दिया गया था।
इसी प्रशासनिक फेरबदल में CBSE के तत्कालीन सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके मूल कैडर में वापस भेजा गया, जबकि वरुण भारद्वाज को उनकी जगह नियुक्त किया गया। CBSE के नेतृत्व में हुए इन बदलावों के बीच OSM व्यवस्था की समीक्षा भी महत्वपूर्ण विषय बनी रही।
CBSE की जिम्मेदारियां और शिक्षा सुधार
CBSE देश और विदेश में उससे संबद्ध स्कूलों के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है। इसके अलावा बोर्ड स्कूल संबद्धता, शैक्षणिक जिम्मेदारियों और परीक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं की निगरानी भी करता है।
CBSE की जिम्मेदारियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 से जुड़े परीक्षा और पाठ्यक्रम सुधारों को लागू करना भी शामिल है। ऐसे में नए चेयरपर्सन के सामने परीक्षा व्यवस्था, डिजिटल मूल्यांकन, स्कूल संबद्धता और शैक्षणिक सुधार से जुड़े कई प्रशासनिक कार्य होंगे।
शिक्षा मंत्रालय में भी प्रशासनिक बदलाव
इसी फेरबदल के तहत अंकिता मिश्रा बुंदेला को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से स्थानांतरित कर शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। उनके लिए विभाग में रिक्त संयुक्त सचिव पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड किया गया है। इस नियुक्ति को भी मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।
मंदीप के भंडारी की नियुक्ति के साथ जून 2026 से CBSE के चेयरपर्सन पद पर तीसरा बदलाव हुआ है। अब उनके सामने बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था, डिजिटल मूल्यांकन और स्कूल शिक्षा से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को संभालने की जिम्मेदारी होगी।