IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIMCIP) की असम स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट के अनुसार, असम के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अलग-अलग सेक्टरों में मजबूत उद्यमिता देखने को मिल रही है। सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा स्टार्टअप्स की फाउंडर्स महिलाएं हैं। यह रिपोर्ट 116 स्टार्टअप्स पर की गई प्राथमिक रिसर्च पर आधारित है और इसमें राज्य के स्टार्टअप लैंडस्केप, वेंचर की परिपक्वता और एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने के लिए जरूरी कदमों का अध्ययन किया गया है।
सर्वे में शामिल स्टार्टअप्स एग्रीकल्चर और फूड, IT और टेक्नोलॉजी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, एजुकेशन, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी के साथ कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में अलग-अलग स्टेज पर मौजूद वेंचर्स को भी शामिल किया गया है, जिससे पूरे असम में हो रही उद्यमिता की विविधता सामने आती है।
सर्वे में शामिल 52.6% स्टार्टअप्स में महिला फाउंडर्स हैं। वहीं, इंस्टीट्यूशनल कैपिटल तक पहुंच एक बड़ी सिस्टम संबंधी चुनौती के रूप में सामने आई। 67.9% स्टार्टअप्स ने इंस्टीट्यूशनल फंडिंग की कमी को प्रमुख चुनौती बताया।
फंडिंग तक पहुंच बनी बड़ी चुनौती
व्यक्तिगत स्तर पर 60.3% उद्यमियों ने बिजनेस नॉलेज की कमी को समस्या बताया। वहीं, 58.6% ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के बारे में सीमित जानकारी और एक्सपोजर की बात कही। इसके अलावा 43.1% उद्यमियों ने टेक्नोलॉजी की जानकारी की कमी को चुनौती बताया।
रिपोर्ट में इन कमियों को दूर करने के लिए एंटरप्रेन्योरशिप एजुकेशन, मजबूत मेंटर और प्रोफेशनल सर्विस नेटवर्क, इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग, B2B नेटवर्किंग और एक्सपोजर प्लेटफॉर्म, बेहतर टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और लोकल टेक सपोर्ट की जरूरत बताई गई है। साथ ही, उभरते वेंचर्स के लिए मार्केट लिंक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
इन निष्कर्षों के आधार पर IIMCIP ने चार चरणों वाला सपोर्ट फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिसमें Outreach & Hunt, Pre-Incubation, Incubation और Acceleration शामिल हैं। इसका उद्देश्य वेंचर्स को अवसरों की पहचान और वैलिडेशन से लेकर बिजनेस को मजबूत करने और उसे स्केल करने तक जरूरी सहायता देना है।
एंटरप्रेन्योरशिप एजुकेशन से मजबूत होगी स्टार्टअप क्षमता
IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क बोर्ड के चेयरमैन अजय जैन ने कहा, “असम के एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम ने काफी गति हासिल की है और इसका भविष्य बहुत संभावनाशील है। महिला उद्यमियों की संख्या में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी और इससे जेंडर इनक्लूजन बढ़ना उत्साहजनक है।”