चंडीगढ़ में EV कैश सब्सिडी बंद, रोड टैक्स में छूट जारी

चंडीगढ़ में EV कैश सब्सिडी बंद, रोड टैक्स में छूट जारी

चंडीगढ़ में EV कैश सब्सिडी बंद, रोड टैक्स में छूट जारी
चंडीगढ़ प्रशासन ने EV Policy 2022 के तहत मिलने वाली कैश सब्सिडी बंद कर दी है, जबकि रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट जारी रहेगी।

चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2022 के तहत मिलने वाली कैश सब्सिडी बंद करने का फैसला किया है। 25 सितंबर को पॉलिसी में चौथे संशोधन के जरिए यह बदलाव अधिसूचित किया गया और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट सहित अन्य गैर-कैश इंसेंटिव अगले आदेश तक जारी रहेंगे।

प्रशासन के अनुसार, EV पोर्टल पर अब तक प्राप्त सभी लंबित आवेदनों का निपटारा होने के बाद कैश सब्सिडी पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद नए खरीदारों को इस योजना के तहत कैश इंसेंटिव नहीं मिलेगा।

पॉलिसी में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए इंसेंटिव पाने की पात्रता भी बदल दी गई है। अब उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहन चंडीगढ़ में ही खरीदना और शहर में ही रजिस्टर कराना होगा। तभी वे पॉलिसी के तहत उपलब्ध लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

इससे पहले चंडीगढ़ के स्थायी निवासी देश के किसी भी हिस्से से ईवी खरीदकर उसे चंडीगढ़ में रजिस्टर कराने पर इंसेंटिव का लाभ ले सकते थे। नए संशोधन के साथ यह प्रावधान हटा दिया गया है।

कैश सब्सिडी बंद होने के बावजूद पॉलिसी के तहत कुछ गैर-कैश लाभ जारी रहेंगे। इनमें पात्र ईवी के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट शामिल है। इसके अलावा चंडीगढ़ में रजिस्टर किए गए इलेक्ट्रिक वाहनों को ग्रीन नंबर प्लेट मिलेगी।

पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पूरे शहर में फ्री पब्लिक पार्किंग की सुविधा भी जारी रहेगी।

यह फैसला 21 अगस्त को चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में हुई UT Electric Vehicle Advisory Committee की बैठक में ईवी पॉलिसी की समीक्षा के बाद लिया गया। इसके बाद एडमिनिस्ट्रेटर गुलाब चंद कटारिया ने प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दी।

इलेक्ट्रिक कारों के लिए कैश सब्सिडी पहले ही प्रभावी रूप से उपलब्ध नहीं थी, क्योंकि निजी उपयोग वाली 2,000 इलेक्ट्रिक कारों का कोटा पूरा हो चुका था। मई 2025 में प्रशासन ने नए खरीदारों के लिए ₹1.5 लाख तक की सब्सिडी बंद करने की घोषणा की थी।

मूल ईवी पॉलिसी के तहत पहली 2,000 निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए बैटरी क्षमता के आधार पर 5,000 रुपये प्रति kWh, अधिकतम ₹1.50 लाख तक की सब्सिडी दी जाती थी। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए भी ₹5,000 प्रति kWh की दर से अधिकतम 30,000 रुपये तक इंसेंटिव था। वहीं, ई-साइकिल खरीदारों को वाहन की कीमत का 25%, अधिकतम 4,000 रुपये तक सब्सिडी मिलती थी।

चंडीगढ़ की ईवी  पॉलिसी सितंबर 2022 में शहर को “Model EV City” बनाने के उद्देश्य से लागू की गई थी। यह पॉलिसी फिलहाल 19 सितंबर 2027 तक प्रभावी है।

Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities