यह रणनीतिक बायबैक कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य लंबे समय से जुड़े कर्मचारियों को पुरस्कृत करना और कंपनी में उनकी हिस्सेदारी को मजबूत करना है।
यह घोषणा उस निवेश के चार महीने बाद आई है, जब Coinbase ने कंपनी में निवेश किया था और कंपनी का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन USD 2.45 बिलियन रहा। इससे पहले अप्रैल 2022 में CoinDCX ने USD 135 मिलियन की फंडिंग जुटाई थी, जिससे कंपनी का मूल्यांकन USD 2 बिलियन से अधिक हो गया था।
CoinDCX के, को-फाउंडर सुमित गुप्ता ने कहा कि भारतीय क्रिप्टो उद्योग ने कई चुनौतियों का सामना किया है, खासकर जब नियामक ढांचे को स्पष्ट करने की प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने कहा, “इन चुनौतियों के बावजूद CoinDCX पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है। यह भारत और यूएई में हमारे 2 करोड़ से अधिक ग्राहकों के भरोसे और निवेशकों के समर्थन का परिणाम है।”
साल 2018 में स्थापित CoinDCX भारत और विदेशों में 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को क्रिप्टो ट्रेडिंग और निवेश सेवाएं देता है। यह प्लेटफॉर्म 500 से अधिक क्रिप्टो एसेट और 200 से ज्यादा ट्रेडिंग पेयर को सपोर्ट करता है। 2024 में कंपनी ने BitOasis के अधिग्रहण के जरिए मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका क्षेत्र में विस्तार किया।
CoinDCX, DCX Group के अंतर्गत काम करता है, जिसमें CoinDCX Ventures और Okto (Web3 वॉलेट प्लेटफॉर्म) भी शामिल हैं। Okto के 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं।
यह 2026 में घोषित चौथा बड़ा ESOP बायबैक है। हाल ही में Cashfree ने 400 से अधिक कर्मचारियों के लिए ESOP बायबैक शुरू किया, Innovaccer ने लगभग USD 75 मिलियन का बायबैक पूरा किया और BrowserStack ने USD 125 मिलियन का ESOP लिक्विडिटी प्रोग्राम शुरू किया। वहीं साल 2025 में ESOP बायबैक गतिविधि अपेक्षाकृत कम रही और यह USD 75 मिलियन से थोड़ा अधिक रही, जबकि 2024 में यह लगभग USD 190 मिलियन थी और उससे पहले के वर्षों में इससे भी अधिक भुगतान हुआ था।