इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) का एक और दिन ऐतिहासिक घोषणाओं, बड़े निवेश वादों और वैश्विक रणनीतिक साझेदारियों के साथ संपन्न हुआ, जिसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत के तेजी से उभरते वैश्विक केंद्र होने का संकेत दिया।
रिलायंस-जियो का बड़ा निवेश
सबसे प्रमुख घोषणा में मुकेश अंबानी ने भारत की एआई क्षमताओं पर बड़ा दांव लगाते हुए अगले सात वर्षों में 109.8 अरब डॉलर (लगभग 10 लाख करोड़ रुपये) निवेश की घोषणा की। यह निवेश एआई-रेडी डेटा सेंटर और संप्रभु कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर केंद्रित होगा।
रणनीति के तहत मल्टी-गिगावॉट एआई-रेडी डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, जिनमें से 120 मेगावॉट क्षमता इस वर्ष शुरू होगी। साथ ही 10 गीगावॉट तक सौर ऊर्जा आधारित नवीकरणीय बिजली से इंफ्रास्ट्रक्चर को संचालित किया जाएगा और Jio नेटवर्क के साथ एकीकृत एज-कंप्यूट लेयर देशभर में कम विलंबता वाली एआई सेवाएं प्रदान करेगी।
अंबानी ने कहा, “भारत बुद्धिमत्ता किराए पर लेने का जोखिम नहीं उठा सकता। Reliance Industries और जियो यह निवेश राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से कर रहे हैं।”
माइक्रोसॉफ्ट की रणनीतिक प्रतिबद्धता
माइक्रोसॉफ्ट ने 2030 तक वैश्विक दक्षिण में 50 अरब डॉलर के एआई निवेश की घोषणा की, जो भारत में पहले घोषित 17.5 अरब डॉलर निवेश का विस्तार है। यह निवेश एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड क्षमताओं और उद्योगों व सार्वजनिक सेवाओं के लिए अनुप्रयोग आधारित समाधान विकसित करने पर केंद्रित है।
योट्टा और एलएंडटी की पहल
योटा डेटा सर्विस (Yotta Data Services) ने एनवीडिया के नवीनतम चिप्स पर आधारित 2 अरब डॉलर के एआई कंप्यूट हब की घोषणा की। वहीं Larsen & Toubro ने एनवीडिया (NVIDIA) के साथ साझेदारी कर भारत के सबसे बड़े एआई मैन्युफैक्चरिंग और कंप्यूट केंद्रों में से एक बनाने की योजना बताई।
गूगल का एआई निवेश
गूगल के सीईओ सुन्दर पिचाई (Sundar Pichai) ने भारत की एआई अवसंरचना के लिए 15 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की। इसके तहत इंडिया-अमेरिका कनेक्ट पहल शुरू होगी, जिसमें समुद्र के नीचे फाइबर-ऑप्टिक केबल सिस्टम से भारत, अमेरिका और दक्षिणी गोलार्ध के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी।
साथ ही Google.org द्वारा 30 मिलियन डॉलर का “AI for Science” फंड, बहुभाषी एआई स्किलिंग प्रोग्राम और Google DeepMind के साथ शोध साझेदारी भी घोषित की गई।
ओपनएआई और टीसीएस सहयोग
सुन्दर पिचाई (OpenAI) के सीईओ Sam Altman ने Tata Consultancy Services के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा की। यह परियोजना टीसीएस के ‘Stargate’ डेटा सेंटर में 100 मेगावॉट प्रारंभिक क्षमता के साथ शुरू होगी, जिसे 1 गीगावॉट तक बढ़ाया जा सकता है।
साथ ही भारतीय विश्वविद्यालयों के साथ एआई पाठ्यक्रम और अनुसंधान सहयोग भी शुरू किए जाएंगे।
वेंचर कैपिटल दृष्टिकोण
समिट ने स्पष्ट किया कि भारत अमेरिका और चीन के बाहर एआई निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। वेंचर कैपिटल निवेशकों के अनुसार एआई अब प्रयोगात्मक चरण से आगे बढ़कर व्यवसाय संचालन का मुख्य आधार बन रहा है।
अपूर्व रंजन शर्मा के अनुसार वैश्विक सॉफ्टवेयर और एआई क्षेत्र में वेंचर कैपिटल आवंटन का 45% से अधिक हिस्सा जा रहा है और निवेश में 40–50% की वृद्धि देखी गई है।
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इंफ्रास्ट्रक्चर तैनाती की समयसीमा, कौशल अंतर और जिम्मेदार एआई शासन जैसी चुनौतियां अभी बनी हुई हैं। आने वाले वर्षों में यह परखा जाएगा कि ये बड़े निवेश भारत में टिकाऊ एआई पारिस्थितिकी तंत्र और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन ला पाते हैं या नहीं।