Nikhil Kamath और Yuval Noah Harari ने वैश्विक सहयोग पर रखे विचार

Nikhil Kamath और Yuval Noah Harari ने वैश्विक सहयोग पर रखे विचार

Nikhil Kamath और Yuval Noah Harari ने वैश्विक सहयोग पर रखे विचार
निखिल कामथ  और युवल नोआ हरारी ने वैश्विक सहयोग, लोकतंत्र और संस्थागत विश्वास की भूमिका पर विचार साझा किए। चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और बदलती वैश्विक व्यवस्था की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला गया।

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संस्थानों में घटते विश्वास के बीच Zerodha के सह-संस्थापक निखिल कामथ ने इतिहासकार और बेस्टसेलिंग लेखक युवाल नोआ हरारी के साथ वैश्विक सहयोग के भविष्य और आधुनिक सभ्यता में विश्वास की भूमिका पर विस्तृत बातचीत की। यह चर्चा World Economic Forum की वार्षिक बैठक के दौरान Davos में रिकॉर्ड की गई।

वार्ता में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं, वैश्विक गठबंधनों और शासन संरचनाओं के सामने मौजूद चुनौतियों पर विचार किया गया। हरारी ने कहा कि बड़े पैमाने पर मानव सहयोग संस्थागत ढांचे में साझा विश्वास पर आधारित होता है। जब यह विश्वास कमजोर होता है तो स्थिरता और पूर्वानुमान दोनों प्रभावित होते हैं।

चर्चा का एक प्रमुख विषय संस्थागत निष्ठा से व्यक्तित्व-आधारित राजनीति की ओर बदलाव भी रहा। हरारी के अनुसार लोकतंत्र केवल चुनावों पर नहीं, बल्कि प्रक्रियाओं, तथ्यों और संस्थागत निरंतरता पर भरोसे पर भी निर्भर करता है।

बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और उसके शासन, सत्य और सामाजिक संरचनाओं पर संभावित असर पर भी चर्चा हुई। कामथ ने कहा कि जैसे वित्तीय बाजार भरोसे पर चलते हैं, वैसे ही वैश्विक राजनीति की नींव भी विश्वास पर टिकी होती है।

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