AI आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के अहम कदम

AI आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के अहम कदम

AI आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के अहम कदम
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत की एआई क्षमता, वैश्विक साझेदारियों और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सरकार और उद्योग के संयुक्त प्रयासों से एआई निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति देने की दिशा तय हुई।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) इस सप्ताह नई दिल्ली में शुरू हुआ, वैश्विक नेताओं और भारतीय व अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की उल्लेखनीय भागीदारी के साथ। इस वर्ष का थीम “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय — Welfare for All, Happiness for All” है। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब AI तकनीक तेज़ी से आगे बढ़ रही है, आत्मनिर्भरता की दौड़ तेज हो रही है, और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव व डेटा संप्रभुता जैसे मुद्दों पर चर्चा बढ़ रही है। समिट का उद्देश्य AI क्षेत्र में भारत को अग्रणी स्थान दिलाना है, जहां फिलहाल पश्चिमी देशों और चीन का दबदबा है।

कंप्यूटिंग क्षमता को बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि मौजूदा 38,000 GPU क्लस्टर के अलावा 20,000 से अधिक GPU जोड़े जाएंगे। सरकार इन संसाधनों को स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को सब्सिडी दरों पर उपलब्ध करा रही है ताकि AI समाधान विकसित करने में समान अवसर मिल सके। इसके साथ ही क्लाउड, सेमीकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में 200 अरब डॉलर से अधिक निवेश की उम्मीद जताई गई है।

वैश्विक टेक साझेदारियाँ

सुंदर पिचाई ने रिलायंस जियो के साथ साझेदारी की घोषणा की, जिसके तहत नए क्लाउड क्लस्टर और Rajasthan में 50 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी।

एन्थ्रोपिक ने बेंगलुरु में अपना कार्यालय खोलने की घोषणा की और स्थानीय संगठनों के साथ साझेदारी कर कृषि और कानून जैसे क्षेत्रों में AI मूल्यांकन मॉडल विकसित करने की योजना बताई।

लार्सन और टुब्रो ने भारत AI मिशन के तहत संप्रभु और स्केलेबल AI इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं NVIDIA ने Yotta के साथ मिलकर Shakti Cloud नामक AI डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म की घोषणा की, जो हजारों उन्नत GPU पर आधारित होगा।

भारत की AI स्थिति और अवसर

पश्चिम में OpenAI और Anthropic जैसे संगठनों तथा चीन के उन्नत AI मॉडल्स की तुलना में भारत अभी अपने बड़े भाषा मॉडल विकसित करने में पीछे है। फिर भी भारत AI उत्पादों का सबसे बड़ा उपभोक्ता बनकर उभरा है। Sam Altman के अनुसार फरवरी 2026 तक ChatGPT के भारत में 10 करोड़ साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।

सरकार विभिन्न नीतियों, कर प्रोत्साहनों और फंडिंग योजनाओं के जरिए घरेलू AI स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रही है। इसी दिशा में 10,000 करोड़ रुपये के कॉर्पस के साथ Startup India Fund of Funds 2.0 की घोषणा की गई है, जो स्टार्टअप्स के लिए वेंचर कैपिटल उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास है।

निवेश, रोजगार और चुनौतियाँ

भारत में AI स्टार्टअप फंडिंग तेज़ी से बढ़ रही है। 2025 में 113 AI स्टार्टअप्स को कुल 1.31 अरब डॉलर का निवेश मिला। AI इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी Neysa ने भी 1.2 अरब डॉलर जुटाए हैं।

हालांकि, डेटा संप्रभुता, कॉपीराइट, और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं। सरकार ने विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को आकर्षित करने के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा की है।

सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि AI विकास में संप्रभुता और स्थानीय नवाचार को प्राथमिकता दी जाए। भारत AI के माध्यम से नई अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।

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