दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऑटोमोबाइल डीलर्स से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि डीलर्स उपभोक्ताओं और सरकार की नीतियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और स्वच्छ मोबिलिटी की दिशा में बदलाव में उनकी भूमिका बेहद अहम है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा आयोजित ‘व्यापार दिल्ली’ सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि डीलर्स को ग्राहकों को क्लीन एनर्जी वाहनों की ओर प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार की EV नीति भविष्य में प्रोत्साहनों से आगे बढ़कर अनिवार्यता की ओर जाएगी।
सीएम गुप्ता ने कहा कि मौजूदा EV नीति में सब्सिडी, टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन फीस में राहत जैसे प्रावधान शामिल हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में नियम और सख्त हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2027–2028 तक प्रदूषण को कम करने के लिए EV अपनाना अनिवार्य किया जा सकता है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं और इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार की जरूरत है। उन्होंने 150 चार्जिंग स्टेशनों के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए इसे अपर्याप्त बताया।
इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में बैटरी कचरे की चुनौती पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार ईवी वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर काम कर रही है।
सरकार ईवी अपनाने के साथ-साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को भी मजबूत कर रही है। इसके तहत मेट्रो विस्तार के लिए 10,000 करोड़ का निवेश और महिलाओं को मुफ्त में इलेक्ट्रिक ऑटो चलाने के लिए 1,000 नए परमिट देने की योजना शामिल है।