भारत की अग्रणी मोबाइल ईवी चार्जिंग सॉल्यूशन कंपनी मोबेक इनोवेशंस (Mobec Innovations) ने अपने नेतृत्व ढांचे को मजबूत करते हुए गौतम सिंह और सत्यब्रत शुक्ला को को-फाउंडर नियुक्त किया है। अब दोनों हैरी बजाज के साथ मिलकर कंपनी का नेतृत्व करेंगे।
नई जिम्मेदारियों के तहत गौतम सिंह रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) का नेतृत्व करेंगे और कंपनी के प्लांट्स के दैनिक संचालन की निगरानी करेंगे। उनका मुख्य ध्यान बैटरी रिसाइक्लिंग तकनीकों को आगे बढ़ाने और प्रोसेस एफिशिएंसी को बेहतर बनाने पर रहेगा। वहीं, सत्यब्रत शुक्ला सेल्स, मार्केटिंग और कस्टमर रिलेशन की कमान संभालेंगे और क्लाइंट एंगेजमेंट को मजबूत करेंगे।
कंपनी के फाउंडर और सीईओ हैरी बजाज ने कहा कि गौतम और सत्यब्रत ने शुरुआत से ही प्रोडक्ट डिजाइन, डेवलपमेंट और क्लाइंट डिप्लॉयमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी यह नई जिम्मेदारी उनके नेतृत्व और तकनीकी क्षमता का सम्मान है और कंपनी के विस्तार में अहम साबित होगी।
मोबेक इनोवेशंस पोर्टेबल और अल्ट्रा-फास्ट DC चार्जिंग सॉल्यूशंस (5 kW से 60 kW) प्रदान करती है, जो दो-पहिया वाहन, चार-पहिया वाहन, कमर्शियल वाहन और फ्लीट्स के लिए उपयुक्त हैं। कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए यूजर्स अपनी सुविधा के अनुसार चार्जिंग शेड्यूल कर सकते हैं।
बैटरी रीसाइक्लिंग क्षेत्र में, मोबेक अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से लिथियम, कोबाल्ट, कॉपर, निकेल, एल्युमिनियम, ग्रेफाइट और मैंगनीज जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की रिकवरी करता है। कंपनी “ब्लैक मास” एक्सट्रैक्शन जैसी एडवांस्ड तकनीकों का उपयोग कर संसाधनों की अधिकतम उपयोगिता सुनिश्चित करती है और वर्जिन मटेरियल पर निर्भरता कम करती है। पुरानी बैटरियों को रीफर्बिश कर उन्हें घरेलू और कमर्शियल एनर्जी स्टोरेज में भी उपयोग किया जाता है, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलता है।
गौतम सिंह और सत्यब्रत शुक्ला ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है और वे एआई-ड्रिवन एनर्जी सॉल्यूशंस के जरिए भारत के ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कंपनी आने वाले समय में एआई आधारित प्रोडक्ट्स और नई एनर्जी सॉल्यूशंस पर काम करेगी, जिसमें 7 kW का कॉम्पैक्ट एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और 30 kW का सोलर-कंपैटिबल पोर्टेबल सिस्टम शामिल है।
मोबेक का लक्ष्य भारत के प्रमुख शहरों में मोबाइल ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और बैटरी रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है, ताकि देश में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिल सके।