एडटेक कंपनी Klassroom 31 जुलाई को लॉन्च करेगी अपना पहला SME IPO, हाइब्रिड लर्निंग नेटवर्क का करेगी विस्तार

एडटेक कंपनी Klassroom 31 जुलाई को लॉन्च करेगी अपना पहला SME IPO, हाइब्रिड लर्निंग नेटवर्क का करेगी विस्तार

एडटेक कंपनी Klassroom 31 जुलाई को लॉन्च करेगी अपना पहला SME IPO, हाइब्रिड लर्निंग नेटवर्क का करेगी विस्तार
शिक्षा एवं स्किल डेवलपमेंट समाधान उपलब्ध कराने वाली Fusion Klassroom Edutech Limited (Klassroom) 31 जुलाई 2026 को अपना पहला SME IPO निवेशकों के लिए खोलने जा रही है। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम (Public Issue) के जरिए ₹39.04 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।


कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन (Valuation) करीब ₹148.1 करोड़ है। जुटाई गई पूंजी का उपयोग व्यवसाय विस्तार, तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने, AI-आधारित शिक्षा समाधान विकसित करने और हाइब्रिड लर्निंग नेटवर्क के विस्तार में किया जाएगा।

Klassroom की स्थापना 2016 में अल्का जावेरी (Alka Javeri), ध्रुव जावेरी (Dhruv Javeri) और धूमिल जावेरी (Dhumil Javeri) ने इस विश्वास के साथ की थी कि भारत का प्रत्येक परिवार, चाहे उसकी आय या भौगोलिक स्थिति कुछ भी हो, गुणवत्तापूर्ण और परिणाम-आधारित शिक्षा का हकदार है। इसी उद्देश्य के साथ कंपनी ने एक ऐसा हाइब्रिड लर्निंग मॉडल विकसित किया, जो ऑफलाइन और ऑनलाइन शिक्षा को एकीकृत कर छात्रों को लचीला, किफायती और प्रभावी शिक्षण अनुभव प्रदान करता है।

कंपनी के अनुसार, Klassroom ने भारत में हाइब्रिड लर्निंग मॉडल को उस समय अपनाया था, जब यह शिक्षा क्षेत्र में मुख्यधारा का ट्रेंड नहीं बना था। संस्थापकों के पास 12 वर्षों से अधिक का उद्यमिता अनुभव है और उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने के उद्देश्य से कंपनी की शुरुआत की।

ऑफलाइन कोचिंग से राष्ट्रीय एडटेक प्लेटफॉर्म बनने तक का सफर

Fusion Klassroom Edutech Pvt. Ltd. का गठन 3 नवंबर 2016 को हुआ। शुरुआत में कंपनी ने ऑफलाइन अकादमिक कोचिंग सेवाएं शुरू कीं और तीन से अधिक कोचिंग संस्थानों के साथ साझेदारी की। यही मॉडल आगे चलकर कंपनी के हाइब्रिड एजुकेशन प्लेटफॉर्म की नींव बना। साल 2017 से 2020 के बीच कंपनी ने अपने ऑफलाइन नेटवर्क का विस्तार करते हुए 20 से अधिक पार्टनर सेंटर स्थापित किए। इसी दौरान "How to Study" वर्कशॉप और Klassroom Konnect जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए। इस अवधि में वार्षिक छात्र नामांकन 500 से अधिक पहुंच गया और मुंबई सहित आसपास के क्षेत्रों में कंपनी ने अपनी मजबूत पहचान बनाई।

कोविड-19 महामारी के दौरान 2020-21 में Klassroom ने Klassroom Online Academy लॉन्च की, जिससे 10,000 से अधिक उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म से जुड़े। इस चरण ने कंपनी के हाइब्रिड मॉडल को नई मजबूती दी और उसे ऑफलाइन तथा डिजिटल शिक्षा के संयोजन वाले अग्रणी एडटेक प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया।

सरकारी साझेदारियों और राष्ट्रीय पहचान से मिली नई गति

2021-22 में कंपनी के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 30,000 से अधिक हो गई। इसी अवधि में कंपनी के संस्थापकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिक्षा और नवाचार पर संवाद किया तथा Klassroom को National Startup Awards में फाइनलिस्ट के रूप में भी चुना गया।

2022-23 में कंपनी ने PM SHRI Schools और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) से जुड़े 10 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया। इसके साथ ही राजस्थान सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया, जिसके तहत NEP 2020 आधारित शैक्षणिक सामग्री राज्य के 2,000 से अधिक सरकारी विद्यालयों और लगभग 3 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाई गई।

2023-24 में Klassroom ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से 1,000 से अधिक छात्राओं के लिए डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम संचालित किया। इसी वर्ष कंपनी की सह-संस्थापक अल्का जावेरी को महिला सशक्तिकरण विषय पर चर्चा के लिए राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से व्यक्तिगत मुलाकात का अवसर मिला। कंपनी को HolonIQ South Asia EdTech 100 और GSV Cup Elite 200 जैसी अंतरराष्ट्रीय मान्यताओं में भी स्थान मिला।

AI और स्किल डेवलपमेंट पर कंपनी का बढ़ता फोकस

2024-25 में Klassroom ने AI-संचालित Education OTT App लॉन्च किया, जिसमें 100 से अधिक कोर्स और 3,300 घंटे से अधिक रिकॉर्डेड कंटेंट उपलब्ध कराया गया। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर 3 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता, 50,000 से अधिक सब्सक्राइबर और 25 से अधिक ऑफलाइन सेंटर जुड़ चुके थे।

2025-26 में कंपनी ने National Skill Development Corporation (NSDC), Telecom Sector Skill Council (TSSC) और Maharashtra State Skill Development Society (MSSDS) के साथ साझेदारी कर AI और Machine Learning प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए। महाराष्ट्र में AI/ML लैब्स की स्थापना के साथ कंपनी ने अपने ऑफलाइन सेंटरों की संख्या 30 तक पहुंचा दी, जबकि उसके प्लेटफॉर्म से जुड़े कुल शिक्षार्थियों की संख्या 4 लाख से अधिक हो गई। इसी अवधि में कंपनी को Fusion Klassroom Edutech Limited के रूप में सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित किया गया, ताकि शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

FY26 में 128% से अधिक बढ़ा रेवेन्यू

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Fusion Klassroom Edutech ने FY26 में ₹23.04 करोड़ का परिचालन राजस्व (Operating Revenue) दर्ज किया, जो FY25 के ₹10.09 करोड़ की तुलना में 128.42% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि उसके हाइब्रिड लर्निंग मॉडल, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सरकारी परियोजनाओं और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों के विस्तार का परिणाम है।

31 जुलाई को खुलने वाला कंपनी का पहला SME IPO Klassroom के लिए पूंजी जुटाने के साथ-साथ उसके अगले विकास चरण की शुरुआत माना जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य AI-आधारित शिक्षा, कौशल विकास और हाइब्रिड लर्निंग मॉडल के माध्यम से देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच को और व्यापक बनाना है।


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