टाटा मोटर्स लिमिटेड ने अपने लखनऊ मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से 10 लाखवां कमर्शियल वाहन रोल आउट किया, जो उत्तर प्रदेश में 35 वर्षों के उत्पादन का महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ और एन. चंद्रशेखरन ने 15 अप्रैल 2026 को लखनऊ में आयोजित समारोह में शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाई।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ गिरीश वाघ समेत राज्य और कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 1992 में स्थापित यह लखनऊ प्लांट आज ट्रक और बसों का उत्पादन करता है, जिसमें बैटरी-इलेक्ट्रिक और फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं। करीब 600 एकड़ में फैले इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता एक लाख से अधिक वाहनों की है और यह 8,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात भी करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और प्रतिभा का प्रमाण है। उन्होंने राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में उद्योगों और उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
वहीं, एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश और टाटा मोटर्स के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है, जिसने उद्योग, सरकार और समुदायों को एक साथ लाकर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है।
यह प्लांट 100% रिन्यूएबल बिजली पर संचालित होता है और CII द्वारा वाटर-पॉजिटिव सर्टिफिकेशन प्राप्त कर चुका है। साथ ही, ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे स्किलिंग प्रोग्राम्स के जरिए युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। कंपनी ने कहा कि यह प्लांट 2045 के अपने नेट-जीरो लक्ष्य और उत्तर प्रदेश के 2070 नेट-जीरो विजन के अनुरूप वाहनों का उत्पादन जारी रखेगा।