इटरनल (Eternal) ने अपनी क्विक कॉमर्स सहायक कंपनी ब्लिंकिट (Blinkit) में 450 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया गया है और वर्ष 2026 में कंपनी द्वारा ब्लिंकिट में किया गया पहला पूंजी निवेश है।
रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, ब्लिंकिट (Blinkit) के बोर्ड ने Eternal को 16,07,161 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर 2,799 इक्विटी शेयर आवंटित करने की मंजूरी दी। इस निवेश से जुटाई गई पूंजी का उपयोग कंपनी अपने संचालन को मजबूत करने और तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स बाजार में विस्तार के लिए करेगी।
यह निवेश पिछले साल Eternal द्वारा ब्लिंकिट (Blinkit) में किए गए कई निवेशों के बाद आया है। वर्ष 2025 में कंपनी ने जनवरी में 500 करोड़ रुपये, फरवरी में 1,500 करोड़ रुपये और नवंबर में 600 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस तरह पिछले साल ब्लिंकिट कुल निवेश 2,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
क्विक कॉमर्स सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह नई फंडिंग अहम मानी जा रही है। प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म ज़ेप्टो (Zepto) ने पिछले वर्ष अक्टूबर में 450 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी, जबकि स्विगी (Swiggy) के बोर्ड ने अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दी है।
इस साल कंपनी में नेतृत्व बदलाव भी हुआ, जब Deepinder Goyal के पद छोड़ने के बाद अलबिंदर ढिंडसा (Albinder Dhindsa) ने Eternal के ग्रुप सीईओ का पद संभाला। कंपनी इस समय अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को तेजी से विस्तार देने पर ध्यान दे रही है।
वित्तीय परफॉर्मेंस की बात करें तो ब्लिंकिट इस सेगमेंट के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक बना हुआ है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 12,256 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया और 4 करोड़ रुपये का समायोजित EBITDA भी हासिल किया। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच क्विक कॉमर्स कंपनियां सप्लाई चेन, डार्क स्टोर नेटवर्क और तेज डिलीवरी सिस्टम में बड़े निवेश कर रही हैं, ताकि बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें।