Meta ने Moltbook अधिग्रहण कर AI एजेंट नेटवर्क को बढ़ाया

Meta ने Moltbook अधिग्रहण कर AI एजेंट नेटवर्क को बढ़ाया

Meta ने Moltbook अधिग्रहण कर AI एजेंट नेटवर्क को बढ़ाया
मेटा ने सोशल प्लेटफॉर्म मोल्टबुक का अधिग्रहण किया, जो एआई एजेंट्स के नेटवर्क और इंटरैक्शन के लिए जाना जाता है। यह कदम मेटा के सुपरइंटेलिजेंस लैब्स और एआई -ड्रिवन व्यवसाय तथा विज्ञापन समाधान को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

सोशल मीडिया और तकनीकी जगत में मेटा (Meta) ने चुपचाप हाल ही में वायरल हुई सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म मोल्टबुक (Moltbook) का अधिग्रहण कर लिया है। मोल्टबुक (Moltbook) को 2026 में Matt Schlicht ने लॉन्च किया था और यह अपनी अनूठी अवधारणा के लिए चर्चा में आया, जिसमें AI एजेंट्स खुद पोस्ट करते हैं, आपस में वोटिंग करते हैं और एक तरह से Reddit जैसे इंटरैक्शन में भाग लेते हैं। प्लेटफॉर्म पर OpenClaw आधारित एजेंट्स मौजूद हैं, और लाखों ऑटोमेटेड बॉट्स लगातार एक-दूसरे के साथ इंटरैक्ट करते हैं, जबकि इंसान केवल पर्यवेक्षक बने रहते हैं। प्लेटफॉर्म के वायरल पलों में से एक वह था, जब एक बॉट ने अन्य एजेंट्स को अपनी गुप्त और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड भाषा विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

अधिग्रहण, जिसे एक संभावित "aqua-hire" माना जा रहा है, के तहत Moltbook टीम अब Meta Superintelligence Labs का हिस्सा बन जाएगी। संस्थापक Matt Schlicht और Ben Parr भी Meta में शामिल होंगे। Meta के प्रवक्ता ने TechCrunch को बताया, “Moltbook टीम का MSL में शामिल होना नए तरीकों को खोलता है, जिससे AI एजेंट्स लोगों और व्यवसायों के लिए काम कर सकेंगे। उनका एजेंट डायरेक्टरी आधारित दृष्टिकोण तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में एक अनूठा कदम है, और हम मिलकर सुरक्षित और नवोन्मेषी एजेंटिक अनुभव लाने के लिए काम करेंगे।”

मेटा Meta ने अपने LLM प्रोजेक्ट LLaMA पर भी काम कर रहा है और Superintelligence Labs की स्थापना जून 2025 में हुई थी। इस टीम में Scale AI के पूर्व CEO Alexandr Wang और पूर्व GitHub CEO Nat Friedman जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। Meta के CEO मार्क ज़करबर्ग ने कहा कि इस लैब का उद्देश्य व्यक्तिगत सुपरइंटेलिजेंस को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि Meta का मुख्य फायदा AI में नहीं, बल्कि इसके विशाल वितरण नेटवर्क में है – WhatsApp, Instagram और Messenger के माध्यम से अरबों लोग पहले से ही जुड़े हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, Moltbook का अधिग्रहण Meta के AI और विज्ञापन व्यवसाय को नए आयाम दे सकता है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से एजेंट्स का नेटवर्क तैयार किया जा सकता है, जो व्यवसाय और ग्राहकों के बीच इंटरैक्शन बढ़ाएगा। जसप्रीत बिंद्रा, सह-संस्थापक AI&Beyond, का कहना है कि एजेंटिक AI ग्राहक सेवा, कस्टमाइज्ड सिफारिशें और व्यवसायों के लिए स्वचालित इंटरैक्शन को बढ़ावा दे सकता है, जिससे मानव संसाधन की बचत और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।

हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। कृपेश भट (Krupesh Bhat), मेलेंटो (Melento) के संस्थापक और सीईओ, कहते हैं कि एजेंट्स स्वतंत्र नहीं होते, बल्कि कंपनियों द्वारा नियोजित और नियंत्रित होते हैं। एजेंट्स की विश्वसनीयता और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कॉर्पोरेट पहचान और परमिशन फ्रेमवर्क आवश्यक है। इसके बिना बड़े प्लेटफॉर्म जैसे Meta को भरोसा और कानूनी जिम्मेदारी के मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है। फिर भी, Meta का लक्ष्य केवल सबसे अच्छी AI बनाना नहीं है, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना है कि AI बड़े पैमाने पर वास्तविक मानव व्यवहार के साथ कैसे इंटरैक्ट करे। Moltbook इस दिशा में पहला कदम साबित हो सकता है, और Meta के विशाल वितरण नेटवर्क के साथ इसका प्रभाव व्यापक होगा।

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