यह सौदा ऐसे समय हुआ है, जब Shadowfax ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद शुरुआती निवेशक धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। वहीं NSE के आंकड़ों के अनुसार, Flipkart ने Shadowfax के 3.37 करोड़ शेयर औसतन ₹204.45 प्रति शेयर के भाव पर बेचकर करीब ₹690 करोड़ जुटाए। वहीं, Fidelity समर्थित Eight Roads Ventures ने दो अलग-अलग बल्क डील के जरिए 4.7 करोड़ शेयर औसतन ₹204.62 और ₹204.88 प्रति शेयर की कीमत पर बेचकर लगभग ₹964.4 करोड़ हासिल किए।
दोनों निवेशकों ने मिलकर कुल ₹1,654.4 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे। हालांकि, शेयर खरीदने वाले निवेशकों की जानकारी एक्सचेंज की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह इस वर्ष Shadowfax में Flipkart की दूसरी हिस्सेदारी बिक्री है। इससे पहले कंपनी ने Shadowfax के IPO के दौरान करीब ₹400 करोड़ के शेयर बेचे थे। हालिया सौदा भी Flipkart की अपनी निवेशित कंपनियों में हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पिछले साल नवंबर से Flipkart BlackBuck, Flying Machine और Aditya Birla Lifestyle Brands जैसी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी घटा चुकी है।
यह हिस्सेदारी बिक्री Shadowfax के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद हुई है। कंपनी ने FY26 में सालाना आधार पर 69.1% राजस्व वृद्धि दर्ज की और ₹112 करोड़ का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) कमाया। इससे कंपनी ने भारतीय थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत की है। मार्च तिमाही में Shadowfax का रेवेन्यू बढ़कर ₹1,237 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 73.6% अधिक है। वहीं, कंपनी का शुद्ध लाभ ₹55.8 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में उसे ₹9.9 करोड़ का घाटा हुआ था।
2015 में स्थापित Shadowfax पूरे भारत में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क संचालित करती है और ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स तथा डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स को डिलीवरी सेवाएं उपलब्ध कराती है। शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी ने पारंपरिक ई-कॉमर्स डिलीवरी के अलावा क्विक कॉमर्स, सेम-डे डिलीवरी, प्रीमियम फ्रेट और फुलफिलमेंट सेवाओं में भी अपना कारोबार बढ़ाया है।
वर्तमान में Shadowfax देशभर के 15,600 से अधिक पिन कोड पर अपनी सेवाएं दे रही है और उसके पास 2.6 लाख डिलीवरी पार्टनर्स का नेटवर्क है। कंपनी ने अपनी क्विक कॉमर्स सेवाओं को मजबूत करने के लिए FY27 के दौरान 15 डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा