इस अधिग्रहण के बाद Freo के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और रेगुलेटरी लाइसेंस, IndiaLends के लेंडिंग मार्केटप्लेस और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के साथ मिलकर काम करेंगे। कंपनियों का मानना है कि इससे ग्राहकों को बेहतर और आसान डिजिटल फाइनेंशियल सेवाएं मिल सकेंगी। डील के बाद संयुक्त प्लेटफॉर्म से 5 करोड़ से अधिक यूजर्स को सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इससे Freo की डिजिटल फाइनेंस सेक्टर में मौजूदगी और मजबूत होगी।
Freo की स्थापना IIT और ISB के पूर्व छात्रों द्वारा की गई थी। कंपनी पेमेंट्स, क्रेडिट, इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट जैसी सेवाएं प्रदान करती है। Freo के पास UPI के लिए थर्ड पार्टी एप्लीकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस, NBFC लाइसेंस और इंश्योरेंस कॉर्पोरेट एजेंट लाइसेंस जैसे कई नियामकीय लाइसेंस मौजूद हैं।
वहीं IndiaLends की स्थापना गौरव चोपड़ा ने की थी। यह प्लेटफॉर्म लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस के रूप में काम करता है। IndiaLends की 80 से अधिक बैंकों, NBFCs और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी है। कंपनी ने पहले ACP Partners और DSG Consumer Partners के नेतृत्व में फंडिंग राउंड में 5.1 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
दोनों कंपनियों का संयुक्त कारोबार अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित तकनीकों पर विशेष फोकस करेगा। AI का इस्तेमाल ग्राहक विश्लेषण, अंडरराइटिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे कार्यों में किया जाएगा। इससे संचालन को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
Freo ने यह भी बताया कि कंपनी अपने अगले विकास चरण के लिए बड़े स्तर पर पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। इससे पहले फरवरी 2024 में कंपनी ने SIDBI से डेट फंडिंग हासिल की थी, हालांकि उसकी राशि सार्वजनिक नहीं की गई थी।