कंपनी की नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, इस अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले तीन महीनों के भीतर पूरी होने की उम्मीद है-
Shopflo की स्थापना दिसंबर 2021 में हुई थी। यह कंपनी ऑनलाइन ब्रांड्स के लिए चेकआउट इंफ्रास्ट्रक्चर और ई-कॉमर्स टूल्स विकसित करती है, जिससे बिक्री (कन्वर्जन रेट) बढ़ाने में मदद मिलती है। कंपनी की आय लगातार बढ़ रही है- FY23 में 0.63 करोड़ रुपये, FY24 में 9.1 करोड़ रुपये और FY25 में 14.7 करोड़ रुपये रही।
Pine Labs का कहना है कि इस अधिग्रहण से वह व्यापारियों (मर्चेंट्स) के लिए एक अधिक एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार कर सकेगी, जिसमें ऑफलाइन पेमेंट, ऑनलाइन चेकआउट और कस्टमर एंगेजमेंट जैसी सेवाएं एक साथ मिलेंगी। यह कदम कंपनी की फुल-स्टैक कॉमर्स और पेमेंट इकोसिस्टम बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
Shopflo अपने प्लेटफॉर्म के जरिए चेकआउट ऑप्टिमाइजेशन टूल्स, डेटा एनालिटिक्स और ई-कॉमर्स समाधान प्रदान करता है, जिससे ग्राहकों द्वारा बीच में खरीदारी छोड़ने (कार्ट एबैंडनमेंट) की समस्या कम होती है और पेमेंट सफल होने की दर बढ़ती है। ये सुविधाएं Pine Labs के मौजूदा पेमेंट सिस्टम को और मजबूत करेंगी।
वर्तमान में Shopflo 1,000 से अधिक ऑनलाइन ब्रांड्स को सेवाएं दे रहा है और 6 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों के लेन-देन को प्रोसेस कर चुका है। कंपनी के अनुसार, उसके प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले व्यापारियों की बिक्री दर में 15% से 20% तक सुधार देखा गया है।
Shopflo की स्थापना प्रिय रंजन, अंकित बंसल और ईशान रक्षित ने मिलकर की थी। साल 2022 में यह स्टार्टअप चर्चा में आया, जब Tiger Global ने इसमें भारत में अपना पहला सीड निवेश किया। अब तक कंपनी ने Tiger Global, TQ Ventures और Better Capital जैसे निवेशकों से करीब 3.7 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।
वहीं, Pine Labs के ऑनलाइन पेमेंट कारोबार में भी तेजी देखी गई है। FY26 की तीसरी तिमाही में कंपनी की आय सालाना आधार पर करीब 50% बढ़कर 744 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 601 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 57 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।