प्रो. कार्तिकेयन के पास शैक्षणिक नेतृत्व, रिसर्च और टेक्नोलॉजी संस्थानों में दो दशकों से अधिक का अनुभव है।
GITAM (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने प्रो. एम. वी. कार्तिकेयन मचावरम को अपने बेंगलुरु कैंपस का प्रो वाइस चांसलर नियुक्त किया है। GITAM से जुड़ने से पहले वह IIITDM कांचीपुरम में कार्यरत थे। उनके पास शैक्षणिक और संस्थागत नेतृत्व का दो दशकों से अधिक का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने IIT रुड़की, IIT तिरुपति और IIIT श्री सिटी में नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभाली हैं।
प्रो. कार्तिकेयन का शैक्षणिक और रिसर्च कार्य मिलीमीटर वेव और टेराहर्ट्ज टेक्नोलॉजी, RF सिस्टम्स, कम्प्यूटेशनल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक्स तथा इंजीनियरिंग डिजाइन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है। उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, जिसमें जर्मनी की हिल्डेगार्ड मायर रिसर्च फेलोशिप और अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट रिसर्च फेलोशिप शामिल हैं। वह IEEE, इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (INAE) और इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के फेलो है
प्रो. कार्तिकेयन का GITAM में स्वागत करते हुए GITAM के प्रेसिडेंट डॉ. एम. श्रीभरत ने कहा, “प्रो. कार्तिकेयन मजबूत शैक्षणिक योग्यता, रिसर्च अनुभव और संस्थान निर्माण की गहरी समझ साथ लेकर आए हैं। जैसे-जैसे हम GITAM बेंगलुरु को आगे बढ़ा रहे हैं, उनका अनुभव कैंपस की शैक्षणिक दिशा तय करने और ऐसा माहौल बनाने में महत्वपूर्ण होगा, जहां शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन साथ-साथ आगे बढ़ सकें।”
प्रो. कार्तिकेयन GITAM बेंगलुरु में शैक्षणिक और रिसर्च पहल को मजबूत करेंगे
प्रो. कार्तिकेयन यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक और नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम करेंगे। अपनी भूमिका में वह बेंगलुरु कैंपस के शैक्षणिक और रिसर्च माहौल को मजबूत करने में योगदान देंगे। इसके लिए वह प्रमुख टेक्नोलॉजी और उच्च शिक्षा संस्थानों में अपने अनुभव का उपयोग करेंगे।
प्रो. एम. वी. कार्तिकेयन मचावरम, प्रो वाइस चांसलर, GITAM बेंगलुरु ने कहा, “GITAM बेंगलुरु ने रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में एक मजबूत आधार तैयार किया है और मुझे इसे आगे बढ़ाने की काफी संभावनाएं दिखाई देती हैं। मेरा फोकस इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देने, उच्च गुणवत्ता और प्रभावी काम को समर्थन देने तथा इंडस्ट्री, एकेडमिया और रिसर्च संस्थानों के साथ मजबूत सहयोग तैयार करके कैंपस की रिसर्च महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करने पर होगा। इसके साथ ही ऐसा माहौल बनाना भी महत्वपूर्ण होगा, जहां फैकल्टी और स्टूडेंट्स को नए और महत्वाकांक्षी विचारों पर काम करने, उभरते रिसर्च क्षेत्रों को विकसित करने और अपने काम को समाज के लिए उपयोगी समाधानों में बदलने की पूरी स्वतंत्रता और समर्थन मिले।”
बेंगलुरु कैंपस ने उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च पर मजबूत फोकस बनाया है। यहां फैकल्टी इंजीनियरिंग, विज्ञान और टेक्नोलॉजी सहित कई क्षेत्रों में रिसर्च कर रही है। पिछले एक साल में फैकल्टी सदस्यों ने 317 रिसर्च पेपर प्रकाशित किए, जिनमें 157 पेपर स्कोपस इंडेक्स्ड Q1 और Q2 जर्नल्स में प्रकाशित हुए। कैंपस ने BRNS, ANRF, UGC DAE CSR, TIH फाउंडेशन IIT बॉम्बे और TiHAN IIT हैदराबाद जैसी एजेंसियों से 2.54 करोड़ रुपये की छह बाहरी वित्त पोषित रिसर्च परियोजनाएं भी हासिल की हैं। इसके अलावा, कैंपस के नाम 10 पेटेंट भी हैं।
GITAM बेंगलुरु ने रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरती टेक्नोलॉजी लैब्स का विस्तार किया
कैंपस ने अपने रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में भी निवेश किया है। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एडवांस्ड एक्सटेंडेड रियलिटी (AXR) रिसर्च लेबोरेटरी, ड्रोन लेबोरेटरी, नेटवर्किंग टेक्नोलॉजीज लैब और स्कूल ऑफ साइंसेज के तहत कॉसमॉस लैब जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के जुड़ने के बाद पिछले दो वर्षों में बेंगलुरु कैंपस में स्थापित अत्याधुनिक रिसर्च लैब्स की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इन लैब्स के लिए कुल 5.65 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।