Hyderabad Angels Fund, Together Fund, Seedstars, AVNM Ventures, PhysicsWallah के, को-फाउंडर प्रतीक माहेश्वरी और अलख पांडे तथा MediaMint के को-फाउंडर आदित्य वुची ने भी इसमें भाग लिया। इस फंडिंग के साथ कंपनी की कुल फंडिंग 65 करोड़ रुपये हो गई है।
Hunar.AI कंपनियों को फ्रंटलाइन कर्मचारियों की भर्ती, ऑनबोर्डिंग, ट्रेनिंग और उन्हें कंपनी में बनाए रखने में मदद करने के लिए कन्वर्सेशनल AI समाधान उपलब्ध कराती है।
Hunar.AI के, को-फाउंडर और सीईओ कृष्णा खंडेलवाल ने कहा, “फ्रंटलाइन वर्कफोर्स मैनेजमेंट एंटरप्राइज AI के सबसे बड़े अवसरों में से एक है, लेकिन इस क्षेत्र पर अभी भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। इसे हल करने के लिए मौजूदा प्रक्रियाओं में सामान्य AI मॉडल का इस्तेमाल करना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए उद्योग की कार्यप्रणाली की गहरी समझ, कई भाषाओं में काम करने की क्षमता और ऐसी तकनीक की जरूरत है, जो बड़े स्तर पर भरोसेमंद तरीके से काम कर सके।”
कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल AI इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी। Hunar.AI ऐसे उद्योगों के लिए विशेष AI समाधान तैयार करती है, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भर्ती, अलग-अलग स्थानों पर काम करने वाली टीमें और भाषाई विविधता के कारण पारंपरिक HR सिस्टम के लिए काम करना मुश्किल होता है।
NITI Aayog के अनुमान के अनुसार, भारत में गिग वर्कर्स की संख्या 2024-25 में लगभग 1 करोड़ से बढ़कर 2029-30 तक 2.35 करोड़ हो सकती है। वहीं सितंबर 2026 में Hunar.AI के AI एजेंट्स ने 1.5 करोड़ से अधिक बातचीत को संभाला। कंपनी के ग्राहकों में Swiggy, Delhivery, Instamart, Pronto, Blue Dart, Flipkart, Aditya Birla Capital और Tata Croma शामिल हैं।
Blume Ventures के पार्टनर अर्पित अग्रवाल ने कहा, “भारत फ्रंटलाइन इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के बजाय नतीजों पर ध्यान केंद्रित करके Hunar में भारत में एक नई श्रेणी विकसित करने और उसे वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की क्षमता है।”