भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) शिलॉन्ग को हाल ही में Association to Advance Collegiate Schools of Business (AACSB) की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है। AACSB को वैश्विक स्तर पर मैनेजमेंट एजुकेशन का 'गोल्ड स्टैंडर्ड' माना जाता है। इस उपलब्धि के साथ IIM शिलॉन्ग अब दुनिया के चुनिंदा शीर्ष बिजनेस स्कूलों की श्रेणी में शामिल हो गया है।
यह मान्यता किसी भी बिजनेस स्कूल के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि दुनिया भर में 6 प्रतिशत से भी कम बिजनेस स्कूलों को AACSB Accreditation मिल पाती है। इस उपलब्धि के बाद IIM शिलॉन्ग भारत के लगभग 30 AACSB-मान्यता प्राप्त संस्थानों में शामिल हो गया है। साथ ही, यह उन चुनिंदा IIMs में भी शामिल हो गया है जिन्हें यह अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल हुई है।
AACSB की यह मान्यता संस्थान की शिक्षा गुणवत्ता, रिसर्च, पाठ्यक्रम, छात्रों की सफलता और सामाजिक प्रभाव जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों पर गहन समीक्षा के बाद दी जाती है। इस प्रक्रिया में संस्थान के शिक्षण स्तर, फैकल्टी की गुणवत्ता, इंडस्ट्री कनेक्शन, रिसर्च कार्य और लगातार सुधार की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।
शिक्षा गुणवत्ता और रिसर्च पर विशेष फोकस
IIM शिलॉन्ग की डायरेक्टर इन-चार्ज प्रोफेसर नलिनीप्रवा त्रिपाठी (Prof Naliniprava Tripathy) ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे IIM शिलॉन्ग समुदाय की सामूहिक मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान आने वाले वर्षों में भी अपनी रणनीतिक दृष्टि और AACSB के मानकों के अनुसार लगातार काम करता रहेगा तथा अपनी वैश्विक पहचान को और मजबूत बनाएगा।
संस्थान के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता से IIM शिलॉन्ग को विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, इंटरनेशनल रिसर्च प्रोजेक्ट्स और ग्लोबल इंडस्ट्री पार्टनरशिप के नए अवसर भी खुलेंगे। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और एक्सपोजर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
इंटरनेशनल सहयोग के नए अवसर
साल 2007 में स्थापित IIM शिलॉन्ग भारत के सबसे युवा IIMs में से एक है। यह संस्थान समुद्र तल से लगभग 5,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जिसके कारण इसे “Campus in the Clouds” भी कहा जाता है। पिछले कुछ वर्षों में संस्थान ने sustainability-oriented management education यानी सतत विकास आधारित प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
IIM शिलॉन्ग ने शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में लगातार सुधार करते हुए खुद को देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में स्थापित किया है। AACSB Accreditation मिलने के बाद संस्थान की वैश्विक साख और अधिक मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल IIM शिलॉन्ग बल्कि भारतीय प्रबंधन शिक्षा प्रणाली को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
भारतीय प्रबंधन शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
यह उपलब्धि भारत में उच्च शिक्षा और मैनेजमेंट एजुकेशन के बढ़ते स्तर को भी दर्शाती है। IIM शिलॉन्ग की यह सफलता उन भारतीय संस्थानों के लिए प्रेरणा है जो वैश्विक शिक्षा मानकों को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। आने वाले समय में यह मान्यता संस्थान को शिक्षा, रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि AACSB Accreditation मिलने से IIM शिलॉन्ग की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीयता और मजबूत होगी, जिससे विदेशी छात्रों और वैश्विक कंपनियों का आकर्षण भी बढ़ सकता है। इसके अलावा संस्थान को ग्लोबल रिसर्च नेटवर्क, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक साझेदारियों में भाग लेने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे छात्रों को बेहतर प्लेसमेंट, वैश्विक करियर अवसर और आधुनिक प्रबंधन शिक्षा का लाभ मिलेगा। साथ ही, यह उपलब्धि भारतीय मैनेजमेंट संस्थानों की गुणवत्ता को विश्व स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।