India Auto Tech कंपनियों ने 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 के बीच 97 फंडिंग राउंड के जरिए 1.3 अरब डॉलर जुटाए। Tracxn Technologies की India Auto Tech - 2026 Report के अनुसार, 2025 में 195 राउंड के जरिए 2.1 अरब डॉलर जुटाए गए थे। इन आंकड़ों में अमेरिकी डॉलर में जुटाई गई इक्विटी फंडिंग शामिल है, जबकि कर्ज, अनुदान, IPO के बाद की फंडिंग और ICO फंडिंग को शामिल नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कोई नया यूनिकॉर्न नहीं बना।
फंडिंग का बड़ा हिस्सा कुछ बड़ी डील्स में केंद्रित रहा। 34 मिलियन डॉलर या उससे अधिक की 10 फंडिंग डील्स के जरिए कुल 900 मिलियन डॉलर जुटाए गए, जो साल की कुल फंडिंग का लगभग 70 प्रतिशत है। बाकी 87 राउंड में करीब 400 मिलियन डॉलर जुटाए गए। मई 2026 में Rapido की 240 मिलियन डॉलर की Series F फंडिंग सबसे बड़ी रही, जो कुल फंडिंग का लगभग 18 प्रतिशत है। इसके बाद सितंबर में Simple Energy ने Series C के जरिए 180 मिलियन डॉलर और Rideriver ने सीरीज C के जरिए 102 मिलियन डॉलर जुटाए। बेंगलुरु स्थित बाइक टैक्सी और राइड-हेलिंग कंपनी Rapido अब तक कुल 798 मिलियन डॉलर जुटा चुकी है। इसके फंडिंग राउंड में WestBridge Capital, Prosus और Invus समेत आठ निवेशक शामिल थे।
बड़ी फंडिंग डील्स में बाद के चरण की कंपनियों का दबदबा
बाद के चरण की फंडिंग डील्स का दबदबा रहा। सीरीज C और उससे आगे के चरणों की डील्स सबसे बड़ी 10 फंडिंग डील्स में से आठ रहीं। इनके जरिए कुल 810 मिलियन डॉलर जुटाए गए, जो कुल फंडिंग का लगभग 60 प्रतिशत है। बाकी दो बड़ी डील्स में मार्च में Ecofy की 55 मिलियन डॉलर की Series B और सितंबर में Yuma Energy की 35 मिलियन डॉलर की Series A फंडिंग शामिल है। बाद के चरण की इन आठ कंपनियों में से छह बेंगलुरु में स्थित हैं, जबकि Euler Motors दिल्ली और GreenCell Mobility मुंबई में स्थित हैं।
Auto Tech फंडिंग में बेंगलुरु सबसे आगे
फंडिंग जुटाने के मामले में बेंगलुरु सबसे आगे रहा। शहर की कंपनियों ने कुल 894 मिलियन डॉलर जुटाए, जो कुल फंडिंग का लगभग 70 प्रतिशत है। इसके बाद दिल्ली और मुंबई ने 107-107 मिलियन डॉलर जुटाए, जबकि गुरुग्राम की कंपनियों ने 63 मिलियन डॉलर हासिल किए। दिल्ली में Euler Motors की 48 मिलियन डॉलर की Series E फंडिंग सबसे बड़ी रही। वहीं, मुंबई की कुल फंडिंग में Ecofy की सीरीज B और GreenCell Mobility की 34 मिलियन डॉलर की सीरीज D फंडिंग का बड़ा योगदान रहा।
कंपनियों के अधिग्रहण में आई गिरावट
2026 में अब तक इस सेक्टर में चार अधिग्रहण हुए, जबकि 2025 में पांच अधिग्रहण दर्ज किए गए थे। गुरुग्राम में स्थित Cars24 ने इनमें से दो अधिग्रहण किए। कंपनी ने जनवरी में CarInfo को 44.4 मिलियन डॉलर में खरीदा और मार्च में Vehicleinfo का अधिग्रहण किया। इसके अलावा, Roadzen ने जनवरी में VehicleCare और 91trucks ने मार्च में MotorFloor का अधिग्रहण किया।
IPO की संख्या घटकर तीन रह गई
2026 में अब तक तीन कंपनियां IPO के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुईं, जबकि 2025 में यह संख्या छह थी। इन तीनों कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण लगभग 52 मिलियन डॉलर रहा। Sotefin का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक 35 मिलियन डॉलर था। इसके बाद Victory EV India का 11 मिलियन डॉलर और AutoFurnish का 6 मिलियन डॉलर रहा।