2030 तक भारत में Gen Z करेगी 1.3 ट्रिलियन डॉलर का खर्च: रिपोर्ट

2030 तक भारत में Gen Z करेगी 1.3 ट्रिलियन डॉलर का खर्च: रिपोर्ट

2030 तक भारत में Gen Z करेगी 1.3 ट्रिलियन डॉलर का खर्च: रिपोर्ट
भारत में Gen Z (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) साल 2030 तक लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने वाली बड़ी उपभोक्ता पीढ़ी बन जाएगी। यह जानकारी Redseer Strategy Consultants की रिपोर्ट “Gen Z: Defining Trends, Influencing Spends” में दी गई है।


इस रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक Gen Z भारत की कुल आबादी का लगभग 27% होगी और यह पीढ़ी अनुभव (experiences), टिकाऊ चीजों (sustainability) और डिजिटल सुविधा को ज्यादा महत्व देगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि Gen Z किसी एक पहचान या लेबल में बंधना पसंद नहीं करती। यह पीढ़ी समावेशिता, खुद को व्यक्त करना और असलीपन (authenticity) को महत्व देती है। अपनी पहचान खोजने के इस दौर में ये लोग सुंदरता, स्टाइल और नए अनुभवों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं, जो उनके खरीदने के तरीके में भी दिखाई देता है।

Gen Z की सौंदर्य और पर्सनल केयर (Beauty & Personal Care -BPC) में काफी दिलचस्पी है। अनुमान है कि 2030 तक यह पीढ़ी भारत के BPC बाजार में लगभग 19 बिलियन डॉलर का हिस्सा रखेगी। Gen Z की हर दो में से एक महिला अपने खर्च करने योग्य पैसे का 20% से ज्यादा ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर खर्च करती है। इनके इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स की संख्या भी बढ़ गई है, जैसे स्किन, बाल और बॉडी के लिए अलग-अलग रूटीन।

Gen Z लोग किसी खास ब्रांड से ज्यादा समस्या का समाधान करने वाले प्रोडक्ट को महत्व देते हैं। इसलिए वे अक्सर नए-नए प्रोडक्ट्स ट्राई करते हैं और ब्रांड के प्रति वफादारी (brand loyalty) कम होती है।

इस पीढ़ी में ब्यूटी ट्रेंड अब जेंडर-न्यूट्रल हो रहे हैं। कई युवा पुरुष भी मेकअप और स्किनकेयर का इस्तेमाल करने लगे हैं। पिछले पांच सालों में “men’s skincare routine” की ऑनलाइन खोज लगभग 850% बढ़ गई है। Gen Z के कई पुरुष एक्ने छिपाने, फिलर्स, हेयर रिमूवल और आइब्रो सेट कराने जैसी कॉस्मेटिक सेवाएं भी ले रहे हैं।

फैशन के मामले में भी 2030 तक कपड़े, जूते और एक्सेसरीज़ के बाजार का लगभग आधा हिस्सा Gen Z से आएगा। हालांकि ये लोग अक्सर 1000 रुपये से कम कीमत वाले फास्ट फैशन प्रोडक्ट्स पसंद करते हैं। ई-कॉमर्स साइट्स पर यह सबसे बड़ा यूज़र ग्रुप है, लेकिन एक बार में इनका औसत खर्च मिलेनियल्स से लगभग आधा होता है।

फिटनेस भी Gen Z के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस पीढ़ी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अपनी आय का कम से कम 20% फिटनेस और खेलों पर खर्च करता है। Athleisure (स्पोर्ट्स और कैजुअल कपड़ों का मिश्रण) की बिक्री हर साल दोगुनी हो रही है। ऑनलाइन मार्केटप्लेस में सस्ते स्पोर्ट्स शूज़ उपलब्ध होने से यह ट्रेंड और बढ़ रहा है, जहां टॉप-सेलिंग स्पोर्ट्स फुटवियर में से 60% की कीमत 500 से 1000 रुपये के बीच है।

इसके अलावा Gen Z में हेल्दी खाने का ट्रेंड भी बढ़ रहा है। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने वाले लगभग 40% Gen Z लोग वैकल्पिक प्रोटीन (alternative protein) को पसंद करते हैं। 2024 से 2025 के बीच क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रोटीन सप्लीमेंट की लिस्टिंग 230% बढ़ गई, जो संतुलित पोषण की बढ़ती मांग को दिखाती है।

रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक Gen Z लगभग 40 बिलियन डॉलर का फिटनेस और स्पोर्ट्स बाजार चलाएगी।


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