अनंत अंबानी, ईशा अंबानी और आकाश अंबानी लगातार इस सूची में पहले तीन स्थानों पर बने हुए हैं। इन तीनों की व्यक्तिगत संपत्ति 2.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पहली पीढ़ी के उद्यमियों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। सूची में 1,696 सेल्फ-मेड वेल्थ क्रिएटर्स शामिल हैं, जबकि 1,290 पारिवारिक कारोबार से जुड़े उद्यमी, उत्तराधिकारी और व्यवसाय संचालक हैं।
सेल्फ-मेड उद्यमियों का बढ़ता दबदबा
360 ONE के फाउंडर, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ करण भगत ने कहा, "भारत में संपत्ति निर्माण की कई कहानियां एक साथ अलग-अलग शहरों, उद्योगों और पीढ़ियों में लिखी जा रही हैं। 360 ONE Wealth Creators List 2026 इन सभी कहानियों को एक मंच पर लाती है, ताकि दुनिया भारत की उद्यमशीलता की पूरी तस्वीर देख सके। 360 ONE के लिए इन उद्यमियों के करीब रहना, उनकी सोच और उनके लक्ष्यों को समझना ही हमें उनका भरोसेमंद साझेदार बनाता है।"
रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्रियल कॉन्ग्लोमेरेट सबसे अधिक संपत्ति बनाने वाला क्षेत्र बना हुआ है। इस सेक्टर के 30 लोगों के पास कुल संपत्ति का 14.6% हिस्सा है और प्रति व्यक्ति औसत संपत्ति लगभग 50,000 करोड़ रुपये है। इसके बाद फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर दूसरे स्थान पर है, जहां 273 लोगों के पास कुल संपत्ति का 11.3% हिस्सा है। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज तीसरे स्थान पर है, जहां 291 लोग कुल संपत्ति का 7.9% हिस्सा रखते हैं।
दूसरी ओर, फार्मास्यूटिकल्स, कंस्ट्रक्शन मशीनरी और इंजीनियरिंग जैसे पारंपरिक उद्योग अभी भी सूची में शामिल कुल संपत्ति का 83% योगदान देते हैं। वहीं एयरोस्पेस एवं डिफेंस, फिनटेक और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे उभरते उद्योग अब 15.5% हिस्सेदारी रखते हैं, जो भारत की नई अर्थव्यवस्था के लगातार विस्तार को दर्शाता है।
मुंबई सबसे बड़ा वेल्थ हब, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
Crisil Intelligence की प्रेसिडेंट एवं बिजनेस हेड प्रीति अरोड़ा ने कहा, "नॉलेज पार्टनर के रूप में Crisil Intelligence ने लगभग 330 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का विश्लेषण किया, जिसमें से इस सूची में 3,040 व्यक्तियों की 104 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को शामिल किया गया है। नई और हरित अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों के विस्तार तथा सरकारी सहयोग से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। अब संस्थापक अपनी संपत्ति का निवेश शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में भी कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह सूची और अधिक मजबूत, व्यापक और प्रभावशाली बनेगी।"
भौगोलिक दृष्टि से मुंबई भारत का सबसे बड़ा वेल्थ हब बना हुआ है। यहां 802 वेल्थ क्रिएटर्स रहते हैं, जिनके पास कुल संपत्ति का 38.4% हिस्सा है। अहमदाबाद 8.7% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है, जहां औद्योगिक समूहों और फार्मा कंपनियों का बड़ा योगदान है। बेंगलुरु 8.1% हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि नई दिल्ली और गुरुग्राम चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। ये पांचों शहर मिलकर रिपोर्ट में शामिल कुल संपत्ति के 70% से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
रिपोर्ट में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी सामने आई है। सूची में 738 महिलाएं शामिल हैं, जिनके पास कुल संपत्ति का 22.6% हिस्सा है। वहीं सूची में शामिल 183 डॉलर अरबपतियों में से 47 महिलाएं हैं। इनमें 40 वर्ष से कम आयु की 51 महिलाओं की औसत संपत्ति 6,542 करोड़ रुपये है, जो युवा महिला उद्यमियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
सूची में शामिल लोगों की आयु 7 वर्ष से 96 वर्ष के बीच है और उनकी मध्य आयु 57 वर्ष है। इसमें 40 वर्ष से कम आयु के 285 और 80 वर्ष से अधिक आयु के 141 लोग शामिल हैं। इससे नए उद्यमियों के उभार और कई पीढ़ियों से कारोबार करने वाले परिवारों की मजबूत मौजूदगी दोनों का पता चलता है।
टॉप 100 बिजनेस फैमिली और निवेश का बदलता रुझान
वेल्थ क्रिएटर्स लिस्ट के अलावा 360 ONE ने '360 ONE Top 100 Families List 2026' भी जारी की। इसके अनुसार, भारत के शीर्ष 100 कारोबारी परिवारों की कुल संपत्ति 76.5 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। शीर्ष 10 परिवारों के पास कुल संपत्ति का 49% हिस्सा है। इस सूची में गौतम अडानी और परिवार 9,08,178 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ पहले स्थान पर हैं। उनके बाद मुकेश धीरूभाई अंबानी और परिवार (8,93,622 करोड़ रुपये) और सुनील भारती मित्तल और परिवार (4,96,687 करोड़ रुपये) दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
कंपनी ने "Portfolio Within the Portrait" नाम से एक रिपोर्ट भी जारी की, जिसमें 2022 से 2026 के बीच भारत के सबसे अमीर परिवारों की निवेश रणनीतियों का विश्लेषण किया गया है। 360 ONE के ग्राहकों के पोर्टफोलियो के अध्ययन के अनुसार, सुरक्षित निवेशों में हिस्सेदारी 2022 में 25% से अधिक थी, जो मार्च 2026 तक घटकर लगभग 16% रह गई। इससे संकेत मिलता है कि संपन्न परिवार अब बेहतर रिटर्न देने वाली परिसंपत्तियों की ओर बढ़ रहे हैं और अधिक संतुलित जोखिम लेने की रणनीति अपना रहे हैं।