JAKSON Green E-Mobility को केंद्र सरकार के PM-eBus Sewa Programme के तहत गुजरात में 220 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। यह टेंडर कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) की ओर से जारी किया गया था। कंपनी के संचालन के पहले साल में यह ऑर्डर मिलना भारत के इलेक्ट्रिक बस और कमर्शियल वाहन क्षेत्र में उसके विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस परियोजना के तहत गुजरात के तीन शहरों में इलेक्ट्रिक बसें तैनात की जाएंगी। इनमें वडोदरा में 120, गांधिधाम में 80 और नवसारी में 20 बसें शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य इन शहरों में स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।
12 साल के ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल के तहत JAKSON Green E-Mobility 9 मीटर लंबी एयर-कंडीशन्ड इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, तैनाती, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी। इस कॉन्ट्रैक्ट में बसों के संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, संचालन और रखरखाव भी शामिल है।
इलेक्ट्रिक बसों के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
यह परियोजना इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के साथ चार्जिंग सुविधाओं और लंबे समय तक फ्लीट मैनेजमेंट को भी जोड़ती है। इस एकीकृत व्यवस्था का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भरोसेमंद बनाए रखना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है। इस उपलब्धि पर JAKSON Green E-Mobility के सीईओ दीपक ठाकुर ने कहा, “ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में अपने संचालन के पहले साल के भीतर 220 इलेक्ट्रिक बसों का यह ऑर्डर हासिल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सार्वजनिक और कमर्शियल परिवहन के लिए एकीकृत इलेक्ट्रिक वाहन समाधान उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्लीट संचालन को एक साथ जोड़कर कंपनी वडोदरा, गांधिधाम और नवसारी के लोगों के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और प्रभावी परिवहन समाधान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है। उनके अनुसार, यह परियोजना भारत के ऊर्जा परिवर्तन में कंपनी के योगदान को रोजमर्रा के शहरी परिवहन तक भी पहुंचाती है।
लंबे समय तक बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी
JAKSON Green E-Mobility इलेक्ट्रिक बस और कमर्शियल वाहन क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए ऐसा मॉडल अपना रही है, जिसमें बसों की तैनाती, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, संचालन और पूरे सेवा काल के दौरान रखरखाव शामिल है।
गुजरात की यह परियोजना 12 साल की सेवा प्रतिबद्धता के साथ इसी मॉडल को आगे बढ़ाती है। इस दौरान बसों की उपलब्धता, परिचालन दक्षता, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। वहीं GCC मॉडल के तहत कॉन्ट्रैक्ट की अवधि के दौरान बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता की होती है। इससे सार्वजनिक परिवहन में सेवा की गुणवत्ता और बसों की नियमित उपलब्धता बनाए रखने पर जोर रहता है।
टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से गुजरात के तीन शहरों में स्वच्छ शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसें संचालन के दौरान टेलपाइप से प्रदूषणकारी उत्सर्जन नहीं करतीं। इससे पारंपरिक डीजल बसों से होने वाले स्थानीय वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कुल उत्सर्जन में कमी बिजली उत्पादन के स्रोत पर भी निर्भर करती है।
यह परियोजना केंद्र सरकार के PM-eBus Sewa Programme के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का विस्तार करना और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाना है। अत: JAKSON Green E-Mobility के लिए 220 बसों का यह ऑर्डर इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर है। साथ ही, इससे कंपनी को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लीट संचालन और लंबे समय तक रखरखाव के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिलेगी।